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इंदौर की राजनीति को बड़ा झटका : पूर्व कांग्रेस विधायक अश्विन जोशी का निधन

इंदौर। शहर की राजनीति से जुड़ी एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। इंदौर विधानसभा क्रमांक-3 से लगातार तीन बार विधायक रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता अश्विन जोशी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही कांग्रेस संगठन, समर्थकों, सामाजिक संगठनों और क्षेत्रीय नागरिकों में शोक की लहर दौड़ गई। इंदौर की राजनीति में उनकी पहचान एक जमीनी, सरल और जनता के बीच रहने वाले नेता के रूप में थी।

अश्विन जोशी लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से उनका इलाज जारी था, लेकिन स्वास्थ्य में लगातार गिरावट के चलते उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का उनके निवास पर पहुंचना शुरू हो गया। बड़ी संख्या में समर्थकों ने नम आंखों से अपने प्रिय नेता को श्रद्धांजलि दी। अश्विन जोशी वरिष्ठ कांग्रेस नेता महेश जोशी के भतीजे थे और इंदौर विधानसभा क्रमांक-3 की राजनीति में कांग्रेस का एक बड़ा चेहरा माने जाते थे। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में संगठन और जनता दोनों के बीच मजबूत पकड़ बनाई। राजनीति में उनकी पहचान संघर्षशील और जनसेवा के लिए समर्पित नेता की रही।

तीन बार बने विधायक, क्षेत्र में बनाई मजबूत पकड़

अश्विन जोशी ने वर्ष 1998 में पहली बार इंदौर विधानसभा क्रमांक-3 से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने लगातार तीन चुनाव जीतकर क्षेत्र में अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ साबित की। वर्ष 1998 से लेकर 2013 तक वे विधानसभा क्रमांक-3 का प्रतिनिधित्व करते रहे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाई। सड़क, पानी, बिजली, सफाई और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर वे हमेशा सक्रिय रहे। विधानसभा के साथ-साथ वे क्षेत्र की गलियों और मोहल्लों में भी बराबर मौजूद रहते थे।

“अश्विन बाबा” के नाम से थी खास पहचान

अश्विन जोशी का व्यक्तित्व बेहद सहज, मिलनसार और आम जनता से जुड़ा हुआ माना जाता था। वे बिना किसी औपचारिकता के सीधे लोगों के बीच पहुंचने वाले नेताओं में गिने जाते थे। क्षेत्र के नागरिक अपनी छोटी-बड़ी समस्याएं सीधे उनके सामने रखते थे और वे तत्काल समाधान के प्रयास में जुट जाते थे। इसी आत्मीय व्यवहार के चलते लोग उन्हें प्यार से “अश्विन बाबा” कहकर बुलाते थे। खासकर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बीच उनकी लोकप्रियता काफी ज्यादा थी।

पानी की समस्या को लेकर हमेशा रहे सक्रिय

अश्विन जोशी की सबसे ज्यादा चर्चा पानी की समस्या को लेकर उनकी सक्रियता को लेकर होती थी। क्षेत्र में जब भी कहीं पानी की किल्लत होती थी, वे खुद मौके पर पहुंचते थे और तत्काल टैंकर की व्यवस्था करवाते थे। कई बार वे देर रात तक क्षेत्र में घूमकर लोगों की समस्याएं सुनते दिखाई देते थे। जनता के बीच उनकी यही सक्रियता उन्हें दूसरे नेताओं से अलग बनाती थी। पानी की समस्या के समाधान को लेकर उनकी तत्परता के कारण लोग उन्हें “पानी का टैंकर वाले बाबा” के नाम से भी पहचानने लगे थे।

2018 में आकाश विजयवर्गीय के खिलाफ लड़ा चुनाव

वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने अश्विन जोशी पर भरोसा जताते हुए उन्हें विधानसभा क्रमांक-3 से प्रत्याशी बनाया था। उस चुनाव में उनका मुकाबला बीजेपी नेता आकाश विजयवर्गीय से हुआ था। हालांकि चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बाद भी वे लगातार संगठन और जनता के बीच सक्रिय बने रहे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच उनका प्रभाव लगातार बना रहा और वे पार्टी की गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे।

राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक

अश्विन जोशी के निधन की खबर सामने आते ही कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने गहरा दुख व्यक्त किया। कई नेताओं ने कहा कि अश्विन जोशी ने राजनीति को हमेशा जनसेवा का माध्यम माना और आम लोगों की आवाज को मजबूती से उठाया। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि अश्विन जोशी जैसे जनप्रतिनिधि कम देखने को मिलते हैं, जो हर समय जनता के बीच मौजूद रहते हों। उनके निधन से इंदौर की राजनीति में एक बड़ी कमी महसूस की जाएगी।

इंदौर की राजनीति में हमेशा याद किया जाएगा नाम

इंदौर की राजनीति में अश्विन जोशी की पहचान एक ऐसे नेता के रूप में रही, जिन्होंने पद से ज्यादा जनता से जुड़ाव को महत्व दिया। वे क्षेत्र की समस्याओं को लेकर हमेशा संघर्ष करते रहे और लोगों के सुख-दुख में शामिल होते रहे। उनका निधन केवल कांग्रेस पार्टी के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे इंदौर शहर की राजनीतिक और सामाजिक दुनिया के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। समर्थकों और क्षेत्रीय नागरिकों के बीच उनकी स्मृतियां लंबे समय तक जीवित रहेंगी।

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