सरकारी खजाने पर डाका, पत्नी-बेटी के खातों में ट्रांसफर किए ₹1.75 करोड़, कलेक्टर के निर्देश पर 13 पर FIR
इंदौर: शिक्षा विभाग से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है जिसने पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ भृत्य सिद्धार्थ जोशी ने अधिकारियों के साथ मिलकर 2 करोड़ 2 लाख रुपये से ज्यादा का गबन किया। यह खेल साल 2018 से लगातार चल रहा था, जिसका खुलासा भोपाल आईटी सेल की ऑडिट रिपोर्ट में हुआ है।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने सरकारी राशि को अपने परिवार और रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किया। सिर्फ पत्नी रेणु और बेटी मोहक के खातों में ही करीब ₹1.75 करोड़ जमा कराए गए। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर एमजी रोड थाने में दर्ज एफआईआर में कुल 13 आरोपियों को नामजद किया गया है। इस घोटाले में सिद्धार्थ जोशी के साथ मोहन दांगी, पवन खामोद, छोटेलाल गौड़ और केदारनारायण दीक्षित जैसे मास्टरमाइंड भी शामिल बताए जा रहे हैं। इन पांच मुख्य आरोपियों ने आठ सह-आरोपियों के 33 अलग-अलग बैंक खातों में सरकारी मद की राशि जमा कराई।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पैसा छात्रवृत्ति, जीपीएफ और अन्य सरकारी फंड से निकाला गया था। पुलिस अब इस पूरे सिंडिकेट पर शिकंजा कस रही है और आगे की जांच में कई और खुलासे होने की संभावना है।
अधिकारी का बयान
विजय सिसोदिया (थाना प्रभारी, एमजी रोड): “सिद्धार्थ जोशी को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच में सामने आया है कि उसने सरकारी राशि को परिवार और रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किया। कलेक्टर के निर्देश पर कुल 13 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आगे की जांच में और भी तथ्य सामने आएंगे।”




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