आंध्र प्रदेश में मिलावटी दूध पीने से हुई 16 मासूम बच्चों की मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। घटना के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और मामले का संज्ञान लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की। कलेक्टर शिवम वर्मा ने खाद्य सुरक्षा विभाग को सख्त निर्देश दिए, जिसके बाद विभाग की टीम शहर की अलग-अलग दूध डेरी और सप्लाई पॉइंट्स पर पहुंची।

टीम ने कई स्थानों से दूध के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। प्रशासन का कहना है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और मिलावटी दूध बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने आमजन में भय और आक्रोश दोनों पैदा कर दिए हैं। लोग अब दूध और डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध दूध या डेयरी उत्पाद की जानकारी तुरंत विभाग को दें। वहीं, खाद्य सुरक्षा विभाग ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी रखी जाएगी।
यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती पर भी सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि जांच के बाद कौन-कौन जिम्मेदार ठहराए जाते हैं और क्या कदम उठाए जाते हैं ताकि मासूमों की जान से खिलवाड़ करने वालों को सजा मिल सके।





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