इंदौर के लसुड़िया थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शुक्रवार शाम को 8 साल का बच्चा अपने घर के बाहर खेल रहा था। अचानक वह गायब हो गया। परिजनों ने जब बच्चे को तलाशना शुरू किया तो पता चला कि क्षेत्र में ही रहने वाला एक युवक उसे बहला-फुसलाकर ले गया है। आरोपी बच्चे को सुनसान जगह ले गया और उसके साथ गलत हरकत करने की कोशिश की। लेकिन बच्चे की चीख-पुकार और परिजनों की सतर्कता से आरोपी रंगे हाथों पकड़ लिया गया। परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और आरोपी को उनके हवाले कर दिया।

पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पास्को एक्ट और अपहरण की धाराओं में मामला दर्ज किया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं वह पहले भी इस तरह की वारदात में शामिल तो नहीं रहा।
अधिकारी का बयान
राजेश दंडोतिया, एडिशनल डीसीपी, इंदौर ने बताया: “लसुड़िया थाना क्षेत्र में एक आरोपी ने बच्चे को बहला-फुसलाकर उठाया और गलत हरकत करने की कोशिश की। परिजनों ने सतर्कता दिखाते हुए आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पास्को एक्ट और अपहरण की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। आगे की जांच जारी है।”
समाज में आक्रोश
इस घटना से पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। लोग मांग कर रहे हैं कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की घिनौनी हरकत करने की हिम्मत न कर सके।
इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। माता-पिता और शिक्षकों को बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में समझाना बेहद ज़रूरी है।
🟢 गुड टच (Good Touch)
- जब कोई प्यार से गले लगाता है, हाथ मिलाता है या पीठ थपथपाता है।
- यह स्पर्श बच्चों को सुरक्षित और सहज महसूस कराता है।
- माता-पिता, शिक्षक या करीबी रिश्तेदारों का स्नेहपूर्ण स्पर्श।
🔴 बैड टच (Bad Touch)
- जब कोई व्यक्ति बच्चे को ऐसे तरीके से छूता है जिससे वह असहज या डर महसूस करे।
- निजी अंगों को छूना, जबरदस्ती पकड़ना या अनुचित तरीके से पास आना।
- अगर बच्चा घबराए, रोने लगे या दूर हटना चाहे तो यह बैड टच का संकेत है।

बच्चों को क्या सिखाना चाहिए
- ना कहना सीखें: अगर कोई गलत तरीके से छूता है तो बच्चे को ज़ोर से “ना” कहना चाहिए।
- तुरंत बताएं: बच्चे को सिखाएं कि ऐसी घटना तुरंत माता-पिता, शिक्षक या भरोसेमंद व्यक्ति को बताए।
- सुरक्षित दूरी: बच्चों को समझाएं कि अजनबी लोगों से दूरी बनाए रखें और उनके साथ अकेले न जाएं।
- निजी अंगों की जानकारी: बच्चों को बताएं कि शरीर के कुछ हिस्से निजी होते हैं और कोई उन्हें छू नहीं सकता।





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