इंदौर। वर्ष 2024 में सामने आए इंदौर नगर निगम के बहुचर्चित फर्जी बिल घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ईडी ने मामले के कथित मास्टरमाइंड और नगर निगम के पूर्व सहायक यंत्री अभय सिंह राठौर को हिरासत में लिया है। इसके अलावा ठेकेदार मोहम्मद जाकिर और राहुल वडेरा को भी गिरफ्तार किया गया है।
ईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है। एजेंसी अब आरोपियों से पूछताछ कर घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं और वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटा रही है। जांच एजेंसी के अनुसार अब तक की जांच में करीब 92 करोड़ रुपये के फर्जी बिलों के जरिए वित्तीय अनियमितताओं के प्रमाण सामने आए हैं। आरोप है कि नगर निगम में विभिन्न विकास और निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जी बिल तैयार कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।

ईडी का दावा है कि जांच के दौरान सरकारी धन से अर्जित की गई संपत्तियों के दस्तावेजी प्रमाण भी मिले हैं। इसी आधार पर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में स्थित कुल 43 संपत्तियों को अटैच किया गया है। इन संपत्तियों की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार ईडी अब घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। संभावना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
गौरतलब है कि इस फर्जी बिल घोटाले की जांच इंदौर पुलिस भी अलग से कर रही है। पुलिस द्वारा दर्ज प्रकरण फिलहाल न्यायालय में लंबित है। वहीं ईडी मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों के पहलुओं की जांच कर रही है। इस कार्रवाई को नगर निगम के इतिहास के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक पर बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। मामले में आगे की जांच जारी है।




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