Home ताज़ा ख़बर 354 नामांतरण घोटाला: रिकॉर्ड में छेड़छाड़ के बावजूद एफआईआर नहीं, ओटीपी एंट्री पर उठे सवाल
ताज़ा ख़बरदेश-प्रदेशनगर निगम इन्दौरप्रशासनिकराजनीति

354 नामांतरण घोटाला: रिकॉर्ड में छेड़छाड़ के बावजूद एफआईआर नहीं, ओटीपी एंट्री पर उठे सवाल

इंदौर। इंदौर नगर निगम के चर्चित 354 फर्जी नामांतरण प्रकरण में चार महीने बीत जाने के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं होना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। यह मामला केवल विभागीय अनियमितता तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी रिकॉर्ड में छेड़छाड़ और संपत्तियों के मालिकाना हक बदलने से जुड़ा है। डेंजर घोटाले में तत्कालीन निगम कमिश्नर हर्षिका सिंह को नोटिस पर तत्काल तत्कालीन कमिश्नर शिवम वर्मा ने एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की थी, लेकिन इससे कहीं अधिक गंभीर माने जा रहे इस प्रकरण में अब तक पुलिस जांच शुरू नहीं हो पाई।

जब तक इन प्रश्नों के स्पष्ट उत्तर सामने नहीं आते और जांच कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण तक नहीं पहुंचती, तब तक यह प्रकरण नगर निगम की कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर सार्वजनिक बहस का विषय बना रहेगा।

नगर निगम में किसी भी संपत्ति का नामांतरण या रिकॉर्ड में संशोधन करने की प्रक्रिया के दौरान अधिकृत अधिकारी के मोबाइल पर वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) भेजा जाता है। ओटीपी के सत्यापन के बाद ही रिकॉर्ड में बदलाव संभव होता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि एक साथ 354 नामांतरण हुए, तो प्रत्येक मामले में आवश्यक ओटीपी किसने और कैसे दर्ज किया?

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Our Visitor

031551
Total Users : 31551

Related Articles