इंदौर। इंदौर में अवैध कॉलोनियों में प्लॉट लेकर फंसने वाले पीड़ित हजारों की संख्या में हैं। इन्हें अब बचाने के लिए जिला प्रशासन एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) जारी करने जा रहा है। इस पर काम शुरू हो गया है। इंदौर में लोगों को भूमाफिया से और अवैध कॉलोनी काटने वालों से बचाने के लिए प्रशासन बड़ा कदम उठाने जा रहा है।
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने इसके लिए कॉलोनी सेल के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। लोगों को अवैध कॉलोनियों की जानकारी देने के लिए एसओपी बनाई जा रही है। साथ ही लोगों को अवैध कॉलोनियों की जानकारी उपलब्ध कराने पर भी काम होगा।
बनाई जा रही है लिस्ट, एफआईआर होगी – इंदौर
कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने भी अवैध कॉलोनियों की रोकथाम को लेकर निर्देश दिए हैं। प्रशासन भी इस पर काम कर रहा है। आम लोगों को भी इसमें जागरूक होने की जरूरत है। यह देखना चाहिए कि यदि कोई संपत्ति ले रहे हैं तो उसके लिए क्या-क्या दस्तावेज होने चाहिए। इन सभी की जानकारी देने के लिए प्रशासन एसओपी बना रहा है। वहीं अवैध कॉलोनियों पर रोक के लिए इन्हें चिन्हित कर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही इसमें आदतन लगातार अवैध कॉलोनियां काटने वालों को भी चिन्हित किया जा रहा है। इन पर एफआईआर के साथ ही अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

आ रहा कॉलोनी एक्ट
प्रदेश में अवैध कॉलोनियों और प्लॉटिंग पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार मप्र कॉलोनी अधिनियम-2026 ला रही है। डिजिटल पोर्टल भी होगा, जिसमें राजस्व, टीएंडसीपी, नगर एवं ग्राम निवेश, संपदा और रजिस्ट्री विभाग जुड़े होंगे। एक क्लिक पर किसी भी कॉलोनी की वैधता की जानकारी मिल सकेगी। नए कानून से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के अलग-अलग नियम खत्म कर एकीकृत कॉलोनी कानून लागू किया जाएगा।
अभी इन्हीं अलग नियमों का फायदा उठाकर भोपाल, इंदौर और जबलपुर समेत बड़े शहरों के आसपास पैरी-अर्बन क्षेत्रों में अवैध प्लॉटिंग हो रही है।



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