भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के शाहपुरा थाना क्षेत्र में एक बेहद हैरान और विचलित करने वाली घटना सामने आई है। बिहार के एक जिले से अपने परिवार से नाराज होकर भागी 16 साल की एक नाबालिग किशोरी को भोपाल लाकर बंधक बनाया गया, जबरन उसकी शादी कराई गई और एक साल तक उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया गया।
शनिवार रात पीड़िता किसी तरह आरोपी के चंगुल से भागकर थाने पहुंची, जिसके बाद इस पूरे मामले का भंडाफोड़ हुआ। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी कथित पति को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना की शुरुआत: ट्रेन के सफर में मिला झांसा
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पीड़िता (उम्र 16 वर्ष) बिहार के सहरसा (संभावित) जिले की रहने वाली है। 1 मार्च 2025 को वह अपने परिजनों से किसी बात पर नाराज होकर घर से बिना बताए निकल गई थी।
यात्रा के दौरान बिहार के पूर्णिया जिले में ट्रेन में उसकी मुलाकात एक अज्ञात दंपत्ति (महिला और पुरुष) से हुई। जब उस दंपत्ति को पता चला कि लड़की अकेली है और घर से भागी है, तो उन्होंने झूठी हमदर्दी दिखाई। सहारा देने और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का झांसा देकर वे नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ भोपाल ले आए।
भोपाल लाकर जबरन शादी और एक साल तक बंधक
भोपाल पहुंचने के मात्र दो दिनों के भीतर, उस दंपत्ति ने शाहपुरा इलाके की एक मल्टी (आवास परिसर) में रहने वाले एक युवक के हवाले किशोरी को कर दिया और जबरन उसकी शादी उस युवक से करा दी।

इसके बाद शुरू हुआ प्रताड़ना का एक लंबा दौर:
- एक साल तक बंधक: आरोपी युवक ने नाबालिग को घर में बंधक बनाकर रखा और करीब एक साल तक लगातार उसके साथ दुष्कर्म (रेप) करता रहा।
- घरेलू गुलामी और मारपीट: पीड़िता से दिनभर जबरन घर का सारा काम कराया जाता था।
- अत्याचार: जब भी पीड़िता इस जबरन शादी का विरोध करती या अपने माता-पिता के पास वापस जाने की जिद करती, तो आरोपी युवक उसके साथ बेरहमी से मारपीट करता था।
चंगुल से छूटकर थाने पहुंची पीड़िता
शनिवार रात को किसी बात पर आरोपी युवक और पीड़िता के बीच फिर से विवाद हुआ। इस दौरान मौका पाकर किशोरी किसी तरह उसके चंगुल से भाग निकली और सीधे शाहपुरा थाने पहुंची।
थाने में बदहवास हालत में पहुंची नाबालिग की बात सुनकर पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल महिला काउंसलर को बुलाया गया। काउंसलिंग के बाद रविवार को पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ दुष्कर्म (रेप) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
जांच के मुख्य बिंदु और पुलिस की कार्रवाई
- पिता से संपर्क: पुलिस ने जांच के दौरान पीड़िता के गृह जिले की पुलिस की मदद से उसके पिता से संपर्क किया और उन्हें भोपाल बुलाया है। बातचीत में पिता ने स्वीकार किया कि बेटी के लापता होने के बाद उन्होंने डर या किसी अन्य वजह से स्थानीय थाने में उसकी गुमशुदगी या अपहरण की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी। पिता के भोपाल पहुंचने के बाद आगे के बयान दर्ज किए जाएंगे।
- मानव तस्करी (Human Trafficking) का शक: पुलिस अब इस मामले की जांच पूरी तरह से ‘मानव तस्करी’ के एंगल से कर रही है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ट्रेन में मिले वो महिला-पुरुष कौन थे और क्या उन्होंने नाबालिग को इस युवक को बेचने के एवज में कोई मोटी रकम ली थी।
- धाराएं बढ़ेंगी: पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि जांच में लड़की को खरीदे जाने या मानव तस्करी का कोई भी सबूत मिलता है, तो दर्ज मामले में मानव तस्करी से जुड़ी और भी कड़ी धाराएं जोड़ी जाएंगी। साथ ही, लड़की को भोपाल लाने वाले दंपत्ति को भी इस केस में मुख्य सह-आरोपी बनाया जाएगा।





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