इंदौर में इस बार रंगपंचमी की पूर्व संध्या पर होने वाला बजरबट्टू सम्मेलन निरस्त कर दिया गया है। यह आयोजन पिछले 28 वर्षों से लगातार होता आ रहा था, लेकिन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया। उनकी अनुपस्थिति ही सम्मेलन रद्द होने का मुख्य कारण बनी। मंत्री विजयवर्गीय हमेशा अपने सरप्राइज गेटअप से इस कार्यक्रम का आकर्षण केंद्र रहते थे। लेकिन हाल ही में हुए भागीरथपुरा दूषित पानी कांड के बाद उन्होंने सार्वजनिक आयोजनों से दूरी बना ली है। यही वजह है कि उन्होंने अपनी विधानसभा में आयोजित फाग उत्सव से भी दूरी बनाई थी।

भागीरथपुरा दूषित पानी कांड
भागीरथपुरा क्षेत्र में पिछले साल दिसंबर से जनवरी के बीच दूषित पानी की आपूर्ति हुई थी। इस पानी से कई लोगों की तबीयत बिगड़ी और दर्जनों मौतें भी हुईं। जांच में सामने आया कि पुरानी पाइपलाइन से मल-मूत्र युक्त पानी सप्लाई हो रहा था। नगर निगम की लापरवाही उजागर हुई और इस मामले ने पूरे शहर को हिला दिया। हाईकोर्ट ने भी निगम को फटकार लगाई और न्यायिक आयोग गठित कर दिया गया है, जो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की सिफारिश करेगा।.

आयोजकों की प्रतिक्रिया
आयोजक अशोक चौहान ने कहा कि “हमें बहुत दुख है, तैयारियाँ पूरी हो गई थीं, लेकिन मंत्री के इनकार के कारण सम्मेलन निरस्त करना पड़ा।”
नेताओं की दूरी
इस बार न केवल कैलाश विजयवर्गीय, बल्कि अन्य बड़े नेता भी गैर में शामिल नहीं होंगे। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी आयोजन में आने से इनकार कर दिया है।
निष्कर्ष:
भागीरथपुरा कांड ने इंदौर की राजनीति और सामाजिक आयोजनों पर गहरा असर डाला है। जनता की नाराजगी और न्यायिक जांच की गंभीरता के चलते मंत्री विजयवर्गीय ने सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनाई है। इसी कारण से 28 साल पुराना बजरबट्टू सम्मेलन इस बार नहीं हो रहा, जिससे शहरवासियों और आयोजकों में निराशा है।





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