इंदौर। इंदौर स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) में फाइनल ईयर छात्रों की फेयरवेल पार्टी के बाद हुए हंगामे ने पूरे संस्थान की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रामानुजन हॉस्टल में शनिवार देर रात आयोजित फेयरवेल कार्यक्रम के बाद छात्रों द्वारा की गई तोड़फोड़ और उत्पात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में छात्र अर्द्धनग्न अवस्था में हॉस्टल परिसर में जमकर हंगामा करते, फर्नीचर तोड़ते और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाते दिखाई दे रहे हैं।
बताया जा रहा है कि यह उत्पात देर रात शुरू हुआ और तड़के करीब 4 बजे तक चलता रहा। वायरल वीडियो में हॉस्टल के अंदर टेबल-कुर्सियां, खिड़कियों के कांच, पानी के स्टोरेज टैंक, सजावटी सामग्री और अन्य सामान को नुकसान पहुंचाते छात्र साफ नजर आ रहे हैं। घटना के बाद पूरे विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया।.

प्रशासन हरकत में, रात में किया हॉस्टल निरीक्षण
घटना सामने आने के बाद डीएवीवी प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। कुलगुरु प्रो. राकेश सिंघई और रजिस्ट्रार प्रज्वल खरे के निर्देश पर IET निदेशक डॉ. प्रतोष बंसल देर रात ही रामानुजन हॉस्टल पहुंचे और पूरे परिसर का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान हॉस्टल के कई कमरों में टूटी हुई खिड़कियां, क्षतिग्रस्त फर्नीचर, डीजे सिस्टम और बिखरा हुआ सामान मिला। प्रशासन ने क्षति का आकलन शुरू कर दिया है।
IET निदेशक डॉ. प्रतोष बंसल ने इस घटना को बेहद गंभीर अनुशासनहीनता बताते हुए कहा कि संस्थान के इतिहास में इस प्रकार की घटना पहले कभी सामने नहीं आई। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया दोषी छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्णय लिया गया है।
दोषी छात्रों का रिजल्ट रोका जाएगा
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, घटना में शामिल छात्रों का रिजल्ट फिलहाल रोका जा सकता है। इसके साथ ही जिन छात्रों का कैंपस प्लेसमेंट हो चुका है, उनकी संबंधित कंपनियों को घटना की जानकारी भेजकर प्लेसमेंट प्रक्रिया को अस्थायी रूप से होल्ड करने की तैयारी की जा रही है।
इसके अलावा सभी दोषी छात्रों पर भारी आर्थिक जुर्माना लगाने की भी तैयारी है। विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के अभिभावकों को बुलाकर पूरे मामले की जानकारी देगा।
नशाखोरी की आशंका, जांच के दायरे में शराब की एंट्री

घटना के वायरल वीडियो में कई छात्र नशे की हालत में दिखाई दे रहे हैं। इसे लेकर प्रशासन ने भी माना है कि मामले में शराब या अन्य मादक पदार्थों के सेवन की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
गौरतलब है कि डीएवीवी परिसर में मादक पदार्थों और नशाखोरी के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति लागू है। ऐसे में अब यह जांच का विषय बन गया है कि हॉस्टल परिसर में शराब और अन्य नशे का सामान कैसे पहुंचा।
अनुशासन समिति की इमरजेंसी बैठक
मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने अनुशासनात्मक समिति की आपात बैठक बुलाई है। समिति सोमवार शाम तक अपनी रिपोर्ट कुलगुरु को सौंपेगी। माना जा रहा है कि दोषी छात्रों पर अंतिम कार्रवाई सोमवार देर शाम या मंगलवार तक तय कर दी जाएगी।
पुलिस बोली- शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई
वहीं इस पूरे मामले में वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने भी प्रतिक्रिया दी है। एडिशनल डीसीपी जोन-2 अमरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में वायरल वीडियो IET परिसर का ही प्रतीत हो रहा है। हालांकि अभी तक संस्थान की ओर से पुलिस को कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन शिकायत दर्ज कराता है, तो वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संस्थान की साख पर उठे सवाल
इंदौर का IET प्रदेश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में गिना जाता है। ऐसे में फाइनल ईयर छात्रों द्वारा की गई इस घटना ने संस्थान की अनुशासन व्यवस्था और हॉस्टल मॉनिटरिंग सिस्टम पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।




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