इंदौर में हर महीने 4,500 से ज्यादा डॉग बाइट केस – प्रशासन पर सवाल

महू के केवटी गांव में हुए कुत्ते के हमले ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है। शुक्रवार को किशनगंज थाना क्षेत्र में एक बेहद आक्रामक कुत्ते ने अचानक ग्रामीणों पर हमला कर दिया। फारूक, अरमान, शाकिर और मालिक पटेल इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुए। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि कुत्ता लगातार लोगों पर झपटता रहा और एक युवक ने प्लास्टिक की कुर्सी से उसे भगाने की कोशिश की, लेकिन वह पीछे नहीं हटा। सभी घायलों को तुरंत महू के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए गए।

ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और प्रशासन इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। लोगों ने मांग की है कि जल्द से जल्द इस खतरनाक कुत्ते को पकड़ा जाए और आवारा कुत्तों की निगरानी बढ़ाई जाए।

इंदौर में डॉग बाइट का बढ़ता खतरा
- शहर में हर महीने औसतन 4,500 से ज्यादा डॉग बाइट केस दर्ज हो रहे हैं।
- साल 2024 में ही 58,000 से ज्यादा मामले सामने आए।
- फरवरी 2026 में सिर्फ 28 दिनों में 4,166 लोग कुत्तों का शिकार हुए।
- सरकारी अस्पतालों में रोजाना 100 से ज्यादा लोग एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचते हैं।
- स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, बढ़ती आवारा कुत्तों की संख्या, कचरे का सही प्रबंधन न होना और नसबंदी अभियान की धीमी रफ्तार इसके प्रमुख कारण हैं।
यह घटना सिर्फ एक गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे इंदौर जिले में डॉग बाइट का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन के सामने अब चुनौती है कि वह आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करे और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।






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