धामनोद विधायक कालू सिंह ठाकुर द्वारा महिला द्वारा फिरौती मांगने के मामले में नया मोड़ आया है जहां महिला ने विधायक कालू सिंह पर अपनी होटल में रुकवाने और भोपाल बुलाकर दुष्कर्म का प्रयास किए जाने का आरोप लगाया है, पीड़िता अपने पति के साथ इंदौर पहुंची और परिजनों द्वारा घर से निकाले जाने और मुस्लिम युवक से शादी किए जाने से नाराज होकर विधायक से मदद मांगने पर झूठा आरोप लगाने की बात कही है साथ ही विधायक से की गई बातचीत का वीडियो भी सौंपा है।
दरअसल कुछ दिन पूर्व धामनोद विधायक कालू सिंह ठाकुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पुलिस पर फिरौती मांगने के मामले में क्षेत्रीय एसपी द्वारा शिकायत दर्ज ना करने का आरोप लगाया था। इस मामले में पुलिस ने ताबड़तोड़ विधायक की शिकायत पर कायमी करते हुए दीपिका और उसके पति काशिफ को लखनऊ से गिरफ्तार कर धामनोद कोर्ट में पेश किया था जहां से प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट विवेक जैन ने दोनों पति पत्नी को जमानत दे दी और टिप्पणी की कि किसी विधायक से मदद मांगना फिरौती की श्रेणी में नहीं आता और इस मामले में ऐसा कुछ प्रतीत नहीं हो रहा है। अब इस मामले में दीपिका ने इंदौर में मीडिया के सामने विधायक कालू सिंह से हुई बातचीत और परिजनों द्वारा की गई मारपीट और ज्यादती के फोटो वीडियो और ऑडियो प्रस्तुत किए हैं। पीड़िता और उसके पति का आरोप है कि दोनों ने 11 साल पहले लव मैरिज की थी और लखनऊ में रहने लगे थे लेकिन पिछले दो सालों से पति का काम धंधा ठीक नहीं चल रहा था जिसके चलते वह मदद के लिए अपने मायके धरमपुरी पहुंची थी लेकिन परिजनों ने धरमपुरी पहुंचते ही अन्य धर्म के व्यक्ति से शादी किए जाने का आरोप लगाकर मारपीट की, जिसके बाद वह मदद के लिए विधायक कालू सिंह के पास पहुंची थी, जहां कालू सिंह ने दीपिका को अपनी होटल में ठहराया और अगले दिन भोपाल स्थित अपने सरकारी आवास पर बुलवाया। इस दौरान दीपिका ने सारी बातचात रिकॉर्ड की थी। दीपिका का आरोप है कि विधायक ठाकुर ने सरकारी आवास में ही उसके साथ छेड़ छाड़ की और दुष्कर्म की कोशिश की लेकिन वह मौका पाकर अपने तीनों बच्चों को लेकर वहां से भागकर धर्मपुरी पहुंची और विधायक के खिलाफ थाने पर शिकायत करने पहुंची थी।
बाइट – दीपिका,
दीपिका की मानें तो विधायक कालू सिंह ने दबाव ने दबाव बनाकर एफ आई आर नहीं होने दी और दीपिका के पास ऑडियो विडियो रिकॉर्ड होने के डर से हम दोनों पति पत्नी के खिलाफ फिरौती मांगने की झूठी एफआईआर दर्ज करवा दी। इसके साथ ही हमारे मोबाइल जब्त कर लिए। अब जब न्यायालय ने हमें पूरे मामले में जमानत दे दी है तो हमें हमारे मोबाइल वापस दिलवाए जाएं और पूरे मामले की विधिवत जांच की जाए।





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