इंदौर शहर के भंवरकुआं थाना परिसर में वर्षों से खड़े सैकड़ों जब्तशुदा वाहनों को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। परिसर में खड़े इन वाहनों के कारण न केवल पुलिस कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही थी, बल्कि स्थानीय लोगों और राहगीरों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब इन वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
वी ओ – इस मामले में हाईकोर्ट अधिवक्ता और याचिका दायर करने वाले सारांश श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस थानों के बाहर और अंदर वर्षों से खड़े जब्तशुदा वाहन न सिर्फ जगह घेरते हैं, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर अव्यवस्था फैलाते हैं। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन वाहनों के मामलों का निस्तारण हो चुका है या जिन पर कोई दावा नहीं है, उन्हें जल्द नीलाम किया जाए या स्क्रैप प्रक्रिया में भेजा जाए। श्रीवास्तव ने बताया कि यह याचिका जनहित में दायर की गई थी ताकि शहर में थानों की व्यवस्था सुधरे और यातायात बाधित न हो।
बाइट – सारांश श्रीवास्तव, हाईकोर्ट एडवोकेट
वी ओ – वहीं, यातायात विभाग के डीसीपी आनंद कलादगी ने बताया कि आदेश के पालन हेतु पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। भंवरकुआं सहित कई थानों में खड़े पुराने, क्षतिग्रस्त और जब्तशुदा वाहनों की लिस्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पुलिस इन वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाएगी और जगह को व्यवस्थित किया जाएगा ताकि पुलिस कामकाज अधिक सुचारु हो सके। डीसीपी कलादगी ने यह भी कहा कि शहर में ऐसे कई स्थानों पर वाहन जब्त होने के बाद वर्षों तक खड़े रहते हैं, लेकिन अब न्यायालय के आदेश के बाद प्रक्रिया तेज की गई है और जल्द ही थानों की जगह अतिक्रमण-मुक्त दिखाई देगी।
बाइट – आनंद कलादगी डीसीपी यातायात इंदौर




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