Home पुलिस विभाग प्लॉट के फर्जी व कूट रचित दस्तावेज बनाकर उस पर लोन लेकर धोखाधड़ी करने वाले आरोपी, पुलिस थाना लसूडिया की गिरफ्त में
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प्लॉट के फर्जी व कूट रचित दस्तावेज बनाकर उस पर लोन लेकर धोखाधड़ी करने वाले आरोपी, पुलिस थाना लसूडिया की गिरफ्त में

दौर – आवेदिका श्रीमती डाक्टर राजरानी खरे पति श्री शिशिर खरे उम्र 71 साल निवासी वार्ड क्र.08 बैहर रोड बालाघाट द्वारा वर्ष 1980 में एम वाय अस्पताल में डाक्टर के पद पर कार्यरत् रहते हुये, चिकित्सा गृह निर्माण सहकारी समिति इंदौर द्वारा विकसित कालोनी चिकित्सक नगर इंदौर का एक भूखण्ड क्रय कर कब्जा प्राप्त किया गया था। जिस पर दिनांक 21.01.25 को एस.एम.एफ.जी इंडिया क्रेडिट फायनेंस बैंक द्वारा आवेदिका के आधिपत्य/स्वामित्व के उक्त भूखण्ड/भवन पर कब्जा प्राप्त करने के संबंध में एक नोटिस चस्पा किया गया। आवेदिका डाक्टर राजरानी खरे के संज्ञान में यह तथ्य आया, कि आरोपी/संदेहियों द्वारा उनके भूखण्ड/भवन के कथित झूठे दस्तावेज तैयार कर, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक से ऋण प्राप्त कर लिया गया है, तथा बैंक से प्राप्त ऋण ना भरे जाने की दशा, में बैंक द्वारा उनका भूखण्ड/भवन पर कब्जा प्राप्त किया जा रहा है। आवेदिका द्वारा उक्त आशय का शिकायत आवेदन पुलिस थाना लसुडिया जिला इंदौर पर प्रस्तुत किया गया । प्रस्तुत शिकायत आवेदन पर से जांच के आधार पर पुलिस थाना लसुडिया जिला इंदौर पर अप.क्र. 0529/2025 धारा-420, 467, 468, 471, भादवि का पंजीबध्द किया गया ।
प्रकरण के अनुसंधान के दौरान उक्त कृत्य में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही किये जाने हेतु, पुलिस आयुक्त इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह द्वारा निर्देशित किया गया । उक्त निर्देशों के अनुक्रम में अति. पुलिस आयुक्त इन्दौरश्री अमित सिंह व पुलिस उपायुक्त जोन – 2 श्री कुमार प्रतीक द्वारा अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन 2 श्री अमरेन्द्र सिंह एवं सहायक पुलिस आयुक्त विजयनगर के मार्गदर्शन में उक्त अपराध का अनुसंधान थाना प्रभारी लसुड़िया स्वयं के द्वारा किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
जिसके तारतम्य में थाना प्रभारी लसुडिया द्वारा अनुसंधान के दौरान उक्त कृत्य में संलिप्त आरोपियों पर, प्रभावी कार्यवाही किये जाने हेतु, एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम द्वारा उक्त प्रकरण की कथित रजिस्ट्रीयों में दर्शित बैंक ट्रांजेक्शन संबंधी संपूर्ण दस्तावेजी जानकारीयां बैंकों से प्राप्त की गई। जिसके विश्लेषण व जानकारी मुताबिक कथित रजिस्ट्रीयों में दर्शित ट्रांजेक्शन संदिग्धों द्वारा आपस में दिखावटी रूप से किया जाना पाया गया। जिसके आधार पर उक्त प्रकरण में आवेदिका डाक्टर राजरानी खरे का प्रतिरूपण करने वाली, कथित महिला उषा बडोनिया निवासी बियाबानी इंदौर जिसने झूठे दस्तावेज में कथित नाम राजरानी खरे पति शिशिर खरे निवासी 101 होल्कर अपार्टमेंट इंदौर बताया था, उसे गिरफ्तार किया गया।

उक्त उषा बडोनिया (नकली राजरानी खरे ) के साथीगण फरहत कौसर उर्फ रूबिना खान नि. बियाबानी इंदौर को गिरफ्तार किया गया, पश्चात् कथित फर्म भारत मशीन के नाम से कथित बैंक खाता खुलवाकर, उक्त बैंक खाते में लाखों रूपयों का कथित रूप से ट्रांजेक्शन कर, कथित रजिस्ट्रीयों में दर्शित करने वाले आरोपी मुन्नवर हुसैन नि. नूरानी नगर इंदौर को भी गिरफ्तार किया गया।
पश्चात् उक्त प्रकरण में कथित नाम कंटारिया अरविंद भाई केशवभाई के नाम से कथित बैंक खाता खुलवाकर लाखों रूपयों का कथित ट्रांजेक्शन कथित रजिस्ट्रीयों में दर्शित करने वाले विरेन्द्र सिंह कुमरे निवासी ग्राम सरलाय जिला खरगोन को गिरफ्तार किया गया, पश्चात् विरेन्द्रसिंह कुमरे का कंटारिया अरविंद भाई केशवभाई बनाये जाने में मददगार, जिसके द्वारा मुख्य षडयंत्रकर्ता जावेद अहमद कुरैशी की संलिप्तता से कथित आधार कार्ड, कथित सिम, व कथित बैंक खाता खुलवाया गया, आरोपी अजय पिता मन्नुलाल वर्मा निवासी बडी भमोरी इंदौर को गिरफ्तार किया गया, पश्चात् रूपयों की लालच में फर्जी विक्रय पत्रों पर हस्ताक्षर करने वाले अब्दुल रज्जाक पिता अब्दल अजीज निवासी श्रीनगर कांकड इंदौर को गिरफ्तार किया गया।
सभी गिरफ्तारशुदा 06 आरोपियों को जेल दाखिल किया गया है । उक्त प्रकरण में अन्य अभियुक्त मुख्य षडयंत्रकर्ता जावेद अहमद कुरैशी नि. स्कीम नं. 71 चंदननगर इंदौर एवं तनवीर उर्फ तन्नु निवासी रेडियो चौक बियाबानी इंदौर, जो कि दूसरी कथित महिला राजरानी खरे बनी है, को आरोपी बनाया गया है, दोनों ही आरोपीगण फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है ।
आरोपीगणों द्वारा आपस में संगनमत होकर, आवेदिका का प्रतिरूपण कर, कथित रूप से उक्त भूखण्ड की पृथक-पृथक दो रजिस्ट्रीयां करवाई गई, दोनों ही रजिस्ट्रीयों को पृथक-पृथक बैंकों में बंधक रखा जाकर, जना स्माल फायनेंस बैंक से राशि 80 लाख रूपये, एवं एस एम एफ जी इंडिया क्रेडिट बैंक से राशि 93 लाख रूपये का ऋण प्राप्त कर लिया गया था ।
उक्त कृत्य में बैंक कर्मचारीयों, तथा कथित दस्तावेजों का सत्यापन कर सर्च रिपोर्ट करने वाले अधिवक्ताओं की भूमिका, तथा आधार कार्ड सेंटर के आपरेटरों की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है,जिसकी जांच की जा रही है।
उक्त मामले में अभी तक 06 आरोपीयों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, दो आरोपी जावेद अहमद कुरैशी व तनवीर उर्फ तन्नु फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी पर डीसीपी जोन-2 द्वारा 10,000/- रूपये इनाम की उद्घोषणा की गई है, शेष अन्य आरोपीयों की भूमिका का निर्धारण कर गिरफ्तारी जल्द की जावेगी ।

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