भोपाल। मध्यप्रदेश में 2027-28 से बिजली दरों में 15 से 20% तक बढ़ोतरी की आशंका ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। 8 सितंबर की जनसुनवाई के बाद प्रस्तावित टैरिफ पर तस्वीर साफ होगी।
2027-28 से नई बिजली दरें लागू करने की तैयारी है। बिजली दरों में 15 से 20% बढ़ोतरी संभव है। घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका सीधा असर पड़ेगा। वितरण हानि और लागत को लेकर सवाल उठे हैं। तीन साल में बिजली दरों पर 207 प्रतिशत वृद्धि। 8 सितंबर को जनसुनवाई के बाद तस्वीर साफ।
मध्यप्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए आने वाला समय जेब पर भारी पड़ सकता है। 2027-28 से लागू होने वाले प्रस्तावित टैरिफ में बिजली दरों में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की आशंका सामने आई है। हालांकि अंतिम फैसला अभी बाकी है और 8 सितंबर की जनसुनवाई इसके लिए अहम पड़ाव होगी।
लेकिन इस पूरी कवायद में सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिजली महंगी होने का नहीं है। बिजली वितरण व्यवस्था की खामियों और बढ़ते लागत का हिसाब आखिर कौन देगा? ट्रांसमिशन के पीछे वितरण कंपनियां भी लागत, वितरण खर्च, वित्तीय स्थिति, पूंजी पर प्रतिलाभ और अन्य शुल्क जैसे कई आधार बताए जाते हैं।





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