Home ताज़ा ख़बर निगम बिल घोटाले में ईडी पर अड़ंग, कोर्ट बोला अकाउंट्स स्लो की 15% कमीशन, गिरफ्तारों को नहीं
ताज़ा ख़बरदेश-प्रदेशनगर निगम इन्दौरप्रशासनिकराजनीतिव्यवसाय

निगम बिल घोटाले में ईडी पर अड़ंग, कोर्ट बोला अकाउंट्स स्लो की 15% कमीशन, गिरफ्तारों को नहीं

इंदौर। इंदौर नगर निगम के 150 करोड़ के फर्जी बिल घोटाले में अब आरोपियों की जांच पर भी असर आ गई है। इस मामले में आरोपियों द्वारा लगातार आरोप लगाए जा रहे हैं। इस पर जिला कोर्ट ने भी अब टिप्पणी की है। इंदौर नगर निगम के 150 करोड़ के फर्जी बिल की जांच ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) इंदौर कर रहा है। इसके तहत ईडी ने जून 2026 को निगम के अफसर राठौर, ठेकेदार राहुल बड़ौदा और मोहम्मद जाकिर तीनों को गिरफ्तार किया है और तीनों जेल में हैं। इस मामले में राठौर के बड़ौदा की जमानत याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है। अब जाकिर की भी जमानत याचिका खारिज हुई, लेकिन इस दौरान जिला कोर्ट ने ईडी की जांच पर भी सवाल उठा दिए हैं।

ईडी की जांच पर इसलिए उठे सवाल

दरअसल इस केस में एक-दो नहीं, ईडी ने पूरे 32 को आरोपी बनाया है। ईडी ने जांच में 103 करोड़ को 50 और बाकी को 15 फीसदी कमीशन ईडी ने अपनी जांच में कहा कि मेयर फ्रीज, मेयर ग्रीन कंस्ट्रक्शन और मेयर न्यू कंस्ट्रक्शन द्वारा 48 करोड़ का भुगतान निगम से लिया गया। एक फर्जी अकाउंट, टैक्स, बिल के आधार पर राहुल द्वारा राठौर को भेजे ही 13 करोड़ 18 लाख का भुगतान हुआ। इस मामले में से 50 फीसदी कमीशन आप राठौर को था और अकाउंटेंट राजकुमार सतावी को 15 फीसदी कमीशन मिलता था। यह कमीशन नकद में दिया जाता था। ईडी ने जांच में कहा कि पूरा कमीशन केवल में होने से किसी के पास यह कैश नहीं मिला, इसलिए संपत्ति जब्त की है।

जिला कोर्ट ने ईडी पर उठाया सवाल

इस मामले में सभी तथ्यों को सुनने के बाद उपाल कोर्ट ने ईडी की जांच पर सवाल उठाया है। विशेष न्यायाधीश ने कहा कि राठौर 50 फीसदी कमीशन ले रहा है और अकाउंटेंट सतावी 15 फीसदी कमीशन ले रहा है, लेकिन सतावी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। प्रथम दृष्टया जांच में निष्पक्षता का अभाव दिखाई देता है। लेकिन इस पर अभी टीका-टिप्पणी करना उचित नहीं है और यह ट्रायल का विषय है।

राठौर को 50 और साल्वी को 15 फीसदी कमीशन

ईडी ने अपनी जांच में कहा कि मेसर्स किंग, मेसर्स ग्रीन कंस्ट्रक्शन और मेसर्स न्यू कंस्ट्रक्शन द्वारा 48 करोड़ का भुगतान निगम से लिया गया। यह फर्जी ऑडिट, टेंडर और बिल के आधार पर लिया गया। इसमें जाकिर की किंग ने ही 13 करोड़ 18 लाख का भुगतान लिया। इस भुगतान में से 50 फीसदी कमीशन अभय राठौर लेता था और अकाउंटेंट राजकुमार साल्वी को 15 फीसदी कमीशन मिलता था। यह कमीशन नकद में दिया जाता था। ईडी ने जांच में कहा कि पूरा कमीशन कैश में होने से किसी के पास यह कैश नहीं मिला, इसलिए संपत्ति जब्त की गई है।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Our Visitor

031488
Total Users : 31488

Related Articles