14.82 लाख रुपए संपत्तिकर बकाया होने पर नगर निगम की कार्रवाई, सियागंज में जमींदार परिवार की 32 दुकानें भी सील
इंदौर। शहर में संपत्तिकर की बकाया राशि की वसूली को लेकर नगर निगम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। नगर निगम की टीम ने उस क्रिश्चियन कॉलेज को सील कर दिया, जहां पार्श्व गायक और अभिनेता किशोर कुमार सहित कई नामचीन हस्तियों ने शिक्षा ग्रहण की थी। कॉलेज पर नगर निगम का करीब 14 लाख 82 हजार रुपए संपत्तिकर बकाया था।
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक बकाया संपत्तिकर जमा कराने के लिए कॉलेज प्रबंधन को कई बार नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद निर्धारित राशि जमा नहीं की गई। शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित होना है। इसके पहले नगर निगम ने बकायादारों से संपत्तिकर वसूलने के लिए शुक्रवार को अभियान तेज कर दिया।
नोटिस के बाद भी राशि जमा नहीं हुई
जोन-11 के सहायक राजस्व अधिकारी शैलेष कुमार ने बताया कि कॉलेज प्रबंधन को बकाया संपत्तिकर जमा करने के लिए कहा गया था। निगम की टीम कार्रवाई के लिए कॉलेज पहुंची और प्रबंधन पर बकाया राशि जमा करने के लिए दबाव बनाया गया। हालांकि राशि जमा नहीं होने पर निगम की टीम ने कॉलेज के ऑफिस सहित अन्य संबंधित कार्यालयों को सील कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि नगर निगम द्वारा लंबे समय से संपत्तिकर की वसूली के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जिन संस्थानों और संपत्तियों पर लंबे समय से राशि बकाया है, वहां नोटिस के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
सियागंज में जमींदार परिवार की 32 दुकानें सील
इसी अभियान के तहत नगर निगम की टीम ने शुक्रवार को सियागंज क्षेत्र में भी बड़ी कार्रवाई की। यहां जमींदार परिवार (रावला) से जुड़ी 32 दुकानों को सील किया गया। इन दुकानों पर नगर निगम का 13 लाख 49 हजार रुपए से अधिक संपत्तिकर बकाया था। निगम की टीम द्वारा पहले बकाया राशि जमा करने के लिए नोटिस दिया गया था। इसके बावजूद भुगतान नहीं होने पर शुक्रवार को निगम अमला दुकानों को सील करने पहुंच गया।
कार्रवाई से बाजार में मचा हड़कंप
एक साथ बड़ी संख्या में दुकानों पर सीलिंग की कार्रवाई शुरू होने से सियागंज बाजार में हड़कंप की स्थिति बन गई। कार्रवाई के दौरान दुकानदारों ने विरोध भी जताया। निगम अधिकारियों और दुकानदारों के बीच कुछ देर तक बातचीत और विरोध का दौर चलता रहा। इसके बाद जमींदार परिवार की ओर से बकाया संपत्तिकर की राशि का चेक निगम को सौंप दिया गया। चेक मिलने के बाद आगे की कार्रवाई को लेकर निगम अधिकारियों ने प्रक्रिया शुरू की। नगर निगम की इस कार्रवाई से साफ है कि राष्ट्रीय लोक अदालत से पहले बकाया संपत्तिकर की वसूली को लेकर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। आने वाले दिनों में भी बड़े बकायादारों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।





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