इंदौर। शहर में मेट्रो ट्रेन के संचालन का इंतजार लंबा होता जा रहा है। गांधीनगर से रेडिसन चौराहे तक 17 किलोमीटर का ट्रैक तैयार है। छह स्टेशन भी बनकर तैयार हो चुके हैं और इस पूरे हिस्से में अलग-अलग गति पर ट्रायल रन भी पूरा किया जा चुका है। इसके बावजूद सरकार अब तक मेट्रो के नियमित संचालन की तारीख तय नहीं कर पाई है।
24 जून को इस 17 किलोमीटर के हिस्से में मेट्रो संचालन शुरू किया जाना था। इसके लिए लोकार्पण समारोह की तैयारियां भी की गई थीं, लेकिन अंतिम समय में समारोह टल गया। इसके साथ ही मेट्रो संचालन के लिए सेफ्टी कमिश्नर से मिली अनुमति की मियाद भी समाप्त हो गई। करीब दो महीने बीतने के बाद भी संचालन की नई तारीख घोषित नहीं हुई है। मेट्रो ट्रेन कॉर्पोरेशन ने नए सिरे से संचालन की अनुमति मांगी थी। सूत्रों के अनुसार नई अनुमति मिल चुकी है, लेकिन इसकी मियाद भी अगले माह समाप्त हो जाएगी।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब ट्रैक और स्टेशन तैयार हैं तथा ट्रायल रन भी पूरा हो चुका है, तो यात्री सेवा शुरू करने में इतनी देरी क्यों हो रही है।
आईटी कर्मचारियों और विद्यार्थियों को होगा फायदा—
रूट शुरू होने से सुपर कॉरिडोर की आईटी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों और आसपास के कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। बड़ी संख्या में विद्यार्थी सुखलिया ग्राम और विजयनगर क्षेत्र में रहते हैं और सुपर कॉरिडोर की ओर आवागमन करते हैं।






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