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कैलाश विजयवर्गीय को डुबोने में लगे हैं उनके ही विभाग के अधिकारी

नगरीय प्रशासन मंत्री एवं इंदौर के कद्दावर नेता कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ क्या अधिकारी षड्यंत्र कर रहे हैं? या यह इशारा उनकी राजनीति का अंत करने में विरोधियों का सहयोग कर रहे हैं? विगत 30 वर्षों से कैलाश विजयवर्गीय को उनके विरोधियों ने जितना दबाने की कोशिश की, उतने ही उभरकर वे आए। उमा भारती को छोड़कर प्रदेश में जो भी मुख्यमंत्री आया, कैलाश विजयवर्गीय से उनकी पटरी नहीं बैठी। इसका एक कारण यह भी है कि कैलाश विजयवर्गीय अति महत्वाकांक्षी नेता है। यही कारण है कि भागीरथपुरा मामले में मौतों के बाद अब नगर निगम इंदौर के अधिकारियों ने रिक्त पद और पदस्थ कर्मचारियों की गलत जानकारी दी। मप्र की विधानसभा में 20 फरवरी को इंदौर विधानसभा पांच के विधायक महेंद्र हार्डिया ने इंदौर नगर निगम को लेकर जानकारी मांगी थी। इसमें रिक्त व भरे हुए पदों की जानकारी चाही गई थी। इंदौर नगर निगम से आई जानकारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने उपलब्ध कराई, लेकिन यह गलत निकली। इस पर बवाल हुआ और आखिरकार राज्य शासन ने जिम्मेदार डिप्टी कमिशनर को सस्पेंड कर दिया। वहीं, इंदौर निगम ने भी अधीक्षक को सस्पेंड किया। इसके पहले भागीरथपुरा में मौतों की गलत जानकारी देने पर मंत्री जमकर भड़के थे। इस पर विपक्ष ने उन्हें घेर दिया था। ऐसे में फिर सवाल उठ रहा है कि क्या मंत्री के खिलाफ अधिकारी ही अब षड्यंत्र कर रहे हैं।

विधानसभा सत्र के दौरान पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में नगर निगम द्वारा प्रस्तुत जानकारी में त्रुटि पाए जाने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। नगर निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया कि कुछ पदों के रिक्त और भरे होने संबंधी जानकारी कार्यालय स्तर से गलत जानकारी हो गई थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कराई गई
और दोषी पाए गए कर्मचारियों के खिलाफ कदम उठाए गए। इस मामले में संबंधित ओएस स्थापना शाखा हरीश श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है। लिपिक अतुल वाजपेयी की सेवा समाप्त की गई है। जबकि डिप्टी कमिश्नर शैलेष अवस्थी को राज्य शासन द्वारा सस्पेंड किया गया है।

मंत्री विजयवर्गीय ने इंदौर नगर निगम के अधिकारियों द्वारा भेजी गई जानकारी विधानसभा में दी। इसमें बताया कि इंदौर नगर निगम में सफाई संरक्षक के पद रिक्त है। जबकि 3900 स्वीकृत पदों पर 1200 से अधिक संरक्षक और 2400 से ज्यादा विनियमित कर्मचारी पदस्थ है।

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