इंदौर के एमवाय अस्पताल में स्ट्रेचर से जुड़ा वायरल वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। अस्पताल की सफाई और मेंटेनेंस में गंभीर लापरवाही उजागर हुई।अस्पताल सुपरविजन एजेंसी भारत विकास ग्रुप (बीवीजी) पर जुर्माना लगाया।

जुर्माना और नोटिस की कार्यवाही
अस्पताल प्रबंधन ने सुपरविजन एजेंसी भारत विकास ग्रुप (बीवीजी) पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। साथ ही अस्पताल सुपरिटेंडेंट डॉ. अशोक यादव और भवन अधिकारी जितेंद्र रावत को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने किया निरीक्षण
वायरल वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने अस्पताल का दौरा किया। निरिक्चौषण के दौरान चौथी और पांचवीं मंजिल पर दीवारों और टाइल्स में फफूंद और गंदगी पाई गई। गंदगी देख उन्होंने नाराजगी जताई और जिम्मेदार अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए।

जांच और पूछताछ
अस्पताल प्रशासन ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। सुरक्षा गार्ड और स्टाफ से पूछताछ की जा रही है ताकि लापरवाही की पूरी जिम्मेदारी तय की जा सके।
मामले पर अस्पताल प्रबंधन का बयान
अस्पताल प्रबंधन ने दोहराया कि मरीज को परिसर से बाहर स्ट्रेचर पर ले जाना प्रतिबंधित है। इसके लिए अस्पताल में 108 एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

प्रशासनिक पृष्ठभूमि
पिछले दिनों कलेक्टर, कमिश्नर और मुख्यमंत्री के दौरे और निर्देशों के बावजूद भी समस्याएं बरकरार रहीं। इसी कारण डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया और कार्रवाई को तेज किया।




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