अमेरिका में अपने बच्चों से मिलकर हाल ही में भारत लौटी एक महिला के साथ डिजिटल अरेस्ट क्र ऑनलाइन ठगी का बड़ा मामला सामने आया है पीड़िता को वापस लौटने के कुछ दिनों बाद ही एक अनजान नंबर से फोन आया कॉल करने वाले ने खुद को जम्मू-कश्मीर पुलिस का एसपी बताते हुए बताया कि जम्मू-कश्मीर में कुछ आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है और उनकी गिरफ्त में मिले मोबाइल फोन में महिला का नंबर पाया गया है,इसलिए अब उनसे पूछताछ की जानी है अचानक आए इस चौंकाने वाले फोन से महिला घबरा गई।कॉलर ने उसे मानसिक दबाव में लेते हुए कहा कि मामला बेहद गंभीर है और सुरक्षा कारणों से उन्हें अब तुरंत डिजिटल वेरिफिकेशन की प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा।इसके बाद आरोपी ने महिला को कई घंटों तक डिजिटल हाउस अरेस्ट में रखा अर्थात फोन पर लगातार ऑनलाइन रहने के लिए बाध्य किया और किसी से बात न करने की सख्त हिदायत दी इस दौरान कॉलर ने खाते की जांच के नाम पर महिला से कई वित्तीय जानकारियां हासिल कर लीं और धीरे-धीरे उसके बैंक खातों से 29 लाख रुपये से अधिक ठग लिए पीड़िता को तब इस धोखाधड़ी का अहसास हुआ जब बैंक खाते से बार-बार बड़ी रकम कटने लगी। घबराकर उसने पूरा मामला विदेश में रहने वाले अपने परिजनों को बताया,जिन्होंने तुरंत उसे पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी। शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वही पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार 3 बजे बताया की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि महिला के पैसे जिन बैंक खातों में ट्रांसफर हुए, उन्हें चिन्हित कर फ्रीज कर दिया गया है। साइबर सेल और पुलिस की संयुक्त टीम अब कॉल करने वालों की लोकेशन, इस्तेमाल किए गए नंबर, ई-वॉलेट और खातों की गहन जांच कर रही है। पुलिस का मानना है कि यह संगठित साइबर ठगी गैंग का काम है, जो सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को डराता है। मामले की जांच जारी है और पुलिस ने लोगों से ऐसे किसी भी संदिग्ध कॉल पर तुरंत सतर्क रहने की अपील की है।
बाइट ,,राजेश दंडोतिया , एडिशनल डीसीपी , इंदौर




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