– रियल एस्टेट कारोबारी संजय दुबे के खिलाफ चंदन नगर पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म का केस दर्ज किया था। इसके 14 दिन बाद भी पुलिस आरोपी को नहीं पकड़ पाई तो 26 नवंबर को पुलिस ने उसके इंजीनियर बेटे राजा को सैलून से उठा कर 30 घंटे थाने में बैठाकर रखा। इस दौरान उसे हथकड़ी भी लगाई, जबकि राजा का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं था। राजा को बगैर किसी अपराध थाने में बैठाने पर उनके साले आकाश तिवारी ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लगाई। इसमें आरोप लगाया कि राजा के खिलाफ कोई केस नहीं है। इसके बावजूद उसे हथकड़ी लगाकर थाने में रखा गया। याचिका की सूचना मिलते ही पुलिस ने राजा को छोड़ दिया था। वही हाईकोर्ट ने इस मामले में थाना प्रभारी इंद्रमणि पटेल को 26 से 27 नवंबर के बीच 30 घंटे के सीसीटीवी फुटेज के साथ कोर्ट में उपस्थित होने के लिए कहा था। 4 दिसंबर को थाना प्रभारी पटेल कोर्ट में उपस्थित तो हुए, लेकिन उन्होंने सीसीटीवी फुटेज पेश नहीं किए थे। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि याचिकाकर्ता ने जो सबूत पेश किए, वह सच्चाई बताने के लिए पर्याप्त है। कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर से कहा था कि वे बताएं कि उन्होंने टीआई इंद्रमणि पटेल के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी । वही आज की सुनवाई से पहले मामले में नाटकीय मोड़ आ गया था। राजेंद्र की ओर से याचिका लगाने वाले आकाश तिवारी ने कोर्ट में दो आवेदन दिए हैं। इनमें से एक याचिका वापस लेने और दूसरा वकील बदलने को लेकर था।
याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करने वाले एडवोकेट नीरज सोनी ने बताया था कि इंजीनियर राजेंद्र दुबे की याचिका पर दिए गए पूर्व आदेश का पालन करते हुए पुलिस को रिपोर्ट कोर्ट में पेश करना ही पड़ेगी।
वीओ – वही पूरे मामले की सुनवाई आज मंगलवार को हाईकोर्ट में होनी है जिसको लेकर पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने बताया कि पुलिस द्वारा अपना पक्ष भी रखा जाएगा । और जो भी माननीय न्यायालय द्वारा आदेश दिया जाएगा उसको ध्यान में रखते हुए कार्यवाही की जायेगी ।




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