इंदौर। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) सर्वे में 5.58 लाख मतदाता मौके पर नहीं मिलने के बाद शहर में वोट पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इसी को लेकर पूर्व पार्षद दिलीप कौशल के नेतृत्व में छावनी चौराहे पर हजारों नागरिकों ने हस्ताक्षर कर फर्जी वोट रोकने और लापता मतदाताओं के नाम सार्वजनिक करने की मांग की।
जिला निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट के मुताबिक 9 विधानसभा क्षेत्रों में 41,625 मृतक, 2,68,303 पते पर नहीं मिले, 2,03,834 शिफ्टेड, 19,154 रिपीटेड और 25,962 अन्य मतदाता हैं। कौशल ने कहा कि “पिछले चुनाव में हार-जीत का अंतर 4,17,717 वोट था, जबकि इस बार 5.58 लाख मतदाता मौके पर नहीं मिले—यह वोट-चोरी की आशंका बढ़ाता है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद लापता मतदाताओं के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए, न ही पंचनामा बना। अभियान की प्रति भारत निर्वाचन आयोग को भेजकर विधिक कार्रवाई की मांग की जाएगी।
अभियान में रवि गुरनानी, सोनिला मिमरोट, विनीत ठाकुर, कमल वर्मा सहित अनेक नागरिक मौजूद रहे।





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