इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में किसान से लोन दिलाने के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। गौरीनगर निवासी किसान खेतसिंह ने पुलिस को बताया कि उसकी पहचान का व्यक्ति प्रभु उसे एक फाइनेंस कंपनी से लोन दिलाने का झांसा देकर अपने साथ ले गया। इसी दौरान प्रभु ने उससे कहा कि लोन प्रक्रिया के लिए उसके मोबाइल की आवश्यकता है। किसान ने भरोसा करके अपना फोन उसे दे दिया, जिसे आरोपी दो दिन तक अपने पास रखता रहा।
दरअसल पुलिस जांच में सामने आया कि इसी दौरान फाइनेंस कंपनी के माध्यम से करीब 2 लाख 87 हजार रुपये की लोन राशि किसान के खाते में स्वीकृत होकर आ गई। चूंकि फोन आरोपी के पास था, इसलिए उसने अवसर का लाभ उठाते हुए यूपीआई के माध्यम से यह पूरी राशि अपने साथियों के खातों में ट्रांसफर कर दी। रकम सौरभ कामले और नीलेश के खातों में भेजी गई। बाद में आरोपी इन खाताधारकों से व्यक्तिगत रूप से मिला और उन्हें मात्र 10–10 हजार रुपये थमा दिए, जबकि बचे हुए पैसों को अपने लाभ के लिए इस्तेमाल किया। हीरानगर पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया कि मनोज और शिशुपाल ने ही मुख्य आरोपी रघु उर्फ भूपेंद्र रघुवंशी से पीड़ित की मुलाकात करवाई थी। पुलिस ने मनोज, शिशुपाल, सौरभ और नीलेश को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि पूरे रैकेट का सरगना रघु अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है। यह पहली बार है जब इस तरह की धोखाधड़ी की शिकायत थाने में दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी रघु पीड़ित की लोन प्रक्रिया और नेट बैंकिंग जानकारी का गलत फायदा उठाकर योजनाबद्ध तरीके से रकम हड़पने में सफल हुआ। जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार करने का दावा पुलिस ने किया है।




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