इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर का सबसे बड़ा स्टूडेंट हब भंवरकुआं इन दिनों पढ़ाई के शोर से नहीं, बल्कि इंसाफ की मांगों से गूंज रहा है। दुष्यंत पेपर लीक मामले को लेकर 30 जून को कुछ छात्रों से शुरू हुआ प्रदर्शन अब 24वें दिन एक विशाल जनआंदोलन का रूप ले चुका है। तांत्या भील चौराहे पर बुधवार को 5,000 से ज्यादा छात्र, कोचिंग शिक्षक, अभिभावक और स्थानीय नागरिक एक साथ धरने पर बैठ गए। बारिश की बौछारों के बीच भी युवाओं का हौसला कम नहीं हुआ और छात्र भंवरकुआं फ्लाईओवर के नीचे बैनर-पोस्टर लेकर नारेबाजी करते रहे।
बुधवार सुबह से लेकर देर रात तक तांत्या भील चौराहे पर “न्याय दो” और “पेपर लीक के दोषियों को सजा दो” के नारे गूंजते रहे। प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांगें हैं— नीट पेपर लीक के मास्टरमाइंड पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई हो और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें। रात में जैसे ही एक जत्था आराम करने जाता, दूसरा समूह मोर्चा संभाल लेता। स्थिति यह रही कि देर रात तक शहर के अलग-अलग हिस्सों से लोग छात्रों को समर्थन देने भंवरकुआं पहुंचते रहे।
23 जुलाई को निकलेगी ‘युवा न्याय यात्रा’
आंदोलनकारियों ने अब अपने विरोध को और धार देने के लिए 23 जुलाई को भंवरकुआं से ‘युवा न्याय यात्रा’ निकालने की घोषणा की है। इस यात्रा का मकसद इंदौर और आसपास के जिलों के आम नागरिकों को जोड़ना है ताकि परीक्षाओं की साख बचाई जा सके। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी मंगलवार देर रात धरना स्थल पहुंचकर छात्रों से मुलाकात की और उनकी मांगों को जायज ठहराते हुए समर्थन का ऐलान किया।





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