इंदौर। भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय पर एक अफरी स्थिति निर्मित हो गई। यह पूरा विवाद पिछड़ा वर्ग मोर्चा की नई कार्यकारिणी में सांसद समर्थकों के नामों को पर्याप्त प्राथमिकता न मिलने के कारण शुरू हुआ। इस मुद्दे को लेकर कुछ कार्यकर्ता नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा से चर्चा करने पहुंचे थे। बातचीत के दौरान मिश्रा की एक टिप्पणी के चलते दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस छिड़ गई, जिसे बाद में अन्य वरिष्ठ नेताओं ने हस्तक्षेप कर शांत कराया।
गौरतलब है कि शुक्रवार देर रात भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा वर्ग मोर्चा की कार्यकारिणी की घोषणा की गई थी। इस नई सूची में विधायकों के समर्थकों को अधिक प्राथमिकता दी गई, जिसके चलते कई पुराने दावेदार पद पाने से वंचित रह गए। हालांकि मोर्चा अध्यक्ष निखिल सोनी द्वारा अब तक की सबसे बड़ी कार्यकारिणी की घोषणा की गई है, जिसमें कार्यकर्ताओं को संतुष्ट करने के उद्देश्य से संभाग प्रभारी के अतिरिक्त पद भी सृजित किए गए हैं। इसके बावजूद कार्यकर्ताओं के एक बड़े वर्ग में नाराजगी बनी हुई है।
इसी सिलसिले में सांसद समर्थक कमल गोस्वामी, विशाल गिदवानी और महेश जोशी अन्य सदस्यों के साथ नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा से बात करने पहुंचे थे। कार्यकर्ताओं ने पक्ष रखा कि सांसद शंकर लालवानी की ओर से अविनेश हार्डिया उर्फ गोलू और ऋषि सोलंकी के नाम दिए गए थे, परंतु उन्हें स्थान नहीं मिला। कार्यकर्ताओं का यह भी आरोप था कि इससे पूर्व घोषित शहर की कार्यकारिणी में भी किसी सांसद समर्थक को जिम्मेदारी नहीं दी गई थी।






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