भुवनेश्वर (एजेंसी)। दिल्ली में जंतर-मंतर पर चल रहे कांग्रेस के जनता पार्टी के प्रमुख मांग है कि नीट परीक्षा का पेपर लीक होने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दें। सीपीआई के सांसद पप्पू के बाद भी ऐसी स्थिति नहीं दिख रही है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देंगे।
पांचवीं और अहम बात यह है कि धर्मेंद्र प्रधान कोई आयातित नेता नहीं हैं। वे एबीवीपी से बीजेपी में आए हैं। भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के अध्यक्ष रहे हैं। अगर उनका इस्तीफा होता है तो पीएम मोदी के अब तक के कार्यकाल में पहली बार विपक्ष या कांग्रेस जनता पार्टी को समर्थन देने वाले दलों को मनोवैज्ञानिक लाभ मिलेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगर धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रालय चेंज हुआ या इस्तीफा तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, एबीवीपी, बीजेपी और पीएम मोदी के लिए असहज स्थिति का निर्माण होगा।
इस्तीफा नहीं होने के यह कारण
अब बात धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की। कांग्रेस जनता पार्टी के प्रोटेस्ट के बीच पेपर लीक के लिए इस्तीफा मांगा जा रहा है, लेकिन सरकार ने अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं दिया कि उनका इस्तीफा होगा। इसकी बड़ी वजह है कि कांग्रेस जनता पार्टी के आंदोलन में क्रेडिबिलिटी की कमी और जोश अधिक है। सरकार को अपने आकलन में उतना कोई बड़ा नुकसान होता नहीं दिख रहा है। मौनमुनि सब जरूरी नहीं होते, कोई चुनाव सिर पर नहीं है। तीसरी बात यह है कि पीएम मोदी की सरकार में हर मंत्री के ऊपर पीएमओ की सीधी नजर रहती है। अगर धर्मेंद्र प्रधान सही परफॉर्म नहीं कर रहे होते तो शायद ही 12 साल लगातार टिक पाते।
कांग्रेस का प्रोटेस्ट पार्ट-2
आज सभी सांसद काले कपड़े पहनकर पहुंच रहे संसद
नीट परीक्षा में धांधली और देश भर में हो रहे पेपर लीक के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस ने बड़ी प्लानिंग ली है। बताया जा रहा है कि आज कांग्रेस के सभी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद भवन पहुंचेंगे और अपने विरोध दर्ज कराएंगे। कांग्रेस के इस बड़े विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना और कड़ा संदेश देना है। पार्टी सांसदों ने एक साथ एकजुट होकर विरोध जताने की रणनीति बनाई है।





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