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इंदौर में शिकायतें दबती रहीं, अनूपपुर में मामला एफआईआर तक पहुंचा! डीपीसी संजय मिश्रा की कार्यशैली पर फिर उठे सवाल

इंदौर में भी शिक्षक रहे हैं परेशान, अनूपपुर पहुंचते ही फिर विवादों में कार्यशैली

इंदौर/अनूपपुर। इंदौर में जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) के पद पर रह चुके संजय मिश्रा एक बार फिर अपनी कथित कार्यशैली को लेकर चर्चा में हैं। वर्तमान में अनूपपुर में पदस्थ संजय मिश्रा के खिलाफ एक शिक्षक से सीएम हेल्पलाइन की शिकायत को लेकर हुए विवाद के मामले में एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, उनके कार्यालय में पदस्थ एक शिक्षक द्वारा दिए गए लिखित आवेदन ने भी विभागीय कार्यप्रणाली और अधिकारियों के व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अनूपपुर जिला परियोजना समन्वयक कार्यालय में पदस्थ एक शिक्षक ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि उसे कार्यालय से कार्यमुक्त नहीं किया जा रहा है। शिक्षक ने अपने आवेदन में डीपीसी संजय मिश्रा की कार्यप्रणाली से परेशान होने और मानसिक रूप से लगातार प्रताड़ित किए जाने की बात कही है। आवेदन में शिक्षक ने अपनी स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई है और अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।

इंदौर में भी कार्यशैली को लेकर उठते रहे सवाल

संजय मिश्रा का इंदौर में डीपीसी के रूप में कार्यकाल भी शिक्षकों के बीच उनकी कथित विवादित कार्यशैली को लेकर चर्चा में रहा था। उस दौरान कई शिक्षकों के बीच उनकी कार्यशैली को लेकर चर्चाएं होती रही थीं। हालांकि अधिकांश शिक्षक खुलकर सामने आने के बजाय विभागीय व्यवस्था और अधिकारियों के दबाव के चलते चुप रहना ही बेहतर समझते रहे।

शिक्षकों के बीच यह चर्चा भी रही कि यदि किसी अधिकारी के खिलाफ खुलकर शिकायत की जाती है तो संबंधित शिक्षक को विभागीय स्तर पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी वजह से कई शिक्षक अपनी असहमति या परेशानी को सार्वजनिक रूप से सामने रखने से बचते रहे।

सीएम हेल्पलाइन की शिकायत के बाद बढ़ा विवाद

अनूपपुर में सामने आए ताजा मामले में एक शिक्षक द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत किए जाने के बाद विवाद बढ़ने की बात सामने आई है। शिकायत को लेकर शिक्षक और विभागीय अधिकारियों के बीच विवाद की स्थिति बनी। इसके बाद मामले में एफआईआर तक की नौबत आने की जानकारी सामने आई है।

मामले ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि एक ओर शिकायत के बाद एफआईआर की बात सामने आ रही है, वहीं दूसरी ओर विभागीय कार्यालय में पदस्थ एक अन्य शिक्षक ने लिखित आवेदन देकर अपनी परेशानी अधिकारियों के सामने रखी है।

शिक्षक ने आवेदन में लगाए गंभीर आरोप

शिक्षक द्वारा दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि उसे कार्यालय से मुक्त नहीं किया जा रहा है। आवेदन के अनुसार शिक्षक डीपीसी संजय मिश्रा की कार्यप्रणाली से परेशान है और मानसिक दबाव महसूस कर रहा है। शिक्षक ने अपनी परेशानी का उल्लेख करते हुए अधिकारियों से मामले में उचित कार्रवाई और समाधान की मांग की है।

आवेदन में शिक्षक ने अपनी स्थिति को लेकर बेहद गंभीर चिंता व्यक्त की है। इस तरह की स्थिति सामने आना विभागीय स्तर पर कर्मचारियों की शिकायतों के निपटारे और अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।

अनूपपुर पहुंचते ही फिर विवादों में कार्यशैली

संजय मिश्रा के इंदौर कार्यकाल के दौरान भी शिक्षकों के बीच उनकी कार्यशैली को लेकर चर्चा होती रही थी। अब अनूपपुर में एक शिक्षक की शिकायत और दूसरे शिक्षक के लिखित आवेदन ने एक बार फिर उनकी कार्यशैली को चर्चा में ला दिया है।

एक तरफ शिक्षक द्वारा सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत किए जाने के बाद विवाद और एफआईआर की जानकारी सामने आई है, तो दूसरी तरफ दूसरे शिक्षक ने विभागीय कार्यालय में अपनी परेशानी का लिखित रूप से उल्लेख किया है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित पक्षों के बयान सामने आना जरूरी है।

सरकारी व्यवस्था में संवाद और समाधान की जरूरत

शिक्षा विभाग में अधिकारी और शिक्षक के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी माना जाता है। किसी भी कर्मचारी को यदि विभागीय स्तर पर परेशानी महसूस होती है तो उसके आवेदन और शिकायत का समय पर निराकरण किया जाना चाहिए। वहीं अधिकारियों पर भी यह जिम्मेदारी होती है कि वे कर्मचारियों की समस्याओं को सुनकर नियमों के अनुसार उनका समाधान करें।

अनूपपुर में सामने आए इस मामले ने विभागीय व्यवस्था के साथ-साथ शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग और वरिष्ठ अधिकारी इस पूरे मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और शिक्षक की शिकायत पर क्या कार्रवाई की जाती है।

नोट: शिक्षक द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है। संबंधित अधिकारी/विभाग का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।

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