इंदौर कलेक्टर में राजस्व मामलों की पेंडेंसी और काम में लेटलतीफी पर अब सख्ती बढ़ गई है। संभागायुक्त आशीष सिंह ने अचानक निरीक्षण कर तहसीलदारों के कामकाज की पोल खोल दी है।
इंदौर कलेक्टोरेट में इस समय 40 तहसीलदार/नायब तहसीलदार हैं। 18 डिप्टी कलेक्टर/संयुक्त कलेक्टर स्तर के अधिकारियों ने लंबित राजस्व के कामों से सभी परेशान हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा लगातार नोटिस दे रहे हैं। वहीं अब संभागायुक्त आशीष भास्कर जब दौरे पर पहुंचे तो तहसीलदार से पटवारी तक के काम की पोल खुल गई।
यहां निरीक्षण करने पहुंचे संभागायुक्त — संभागायुक्त ने गुरुवार को मल्हारगंज तहसील एवं एसडीएम कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान राजस्व प्रकरणों की स्थिति के साथ ही कार्यालयीन व्यवस्थाओं तथा लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान इन तहसीलदारों के कामों की जांच— संभागायुक्त ने तहसीलदार मल्हारगंज शेखर चौधरी, तत्कालीन तहसीलदार मल्हारगंज एवं वर्तमान तहसीलदार कनाड़िया…
रीडरों की रुकेगी वेतन वृद्धि, तहसीलदारों को नोटिस
संभागायुक्त ने निर्देशित किया कि राजस्व कार्य में लापरवाही करने वाले रीडरों की दो-दो वेतन वृद्धि रोकने के आदेश जारी किए जाएं। तहसीलदारों को भी कार्य में सुधार के लिए नोटिस थमाए गए हैं। कमिश्नर ने कहा कि सभी राजस्व प्रकरणों की आरसीएमएस पोर्टल पर समयबद्ध रूप से प्रविष्टियां सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।

आदेश पर अमल भी नहीं लगा रहे अधिकारी
संभागायुक्त आईएएस भास्कर लक्षण ने निरीक्षण के दौरान पाया कि अधिकारी आदेश पारित करने के बाद न्यायालय की सील नहीं लगा रहे हैं। ऐसे के अमल संबंधी प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं हैं। तीन मामलों के क्रमांक 132/1 में संबंधित नक्शा काटने प्रकरण में आदेश पारित होने के बाद भी 12 दिवस तक आदेश का अमल नहीं किया गया। इस पर संभागायुक्त ने कलेक्टर शिवम वर्मा को संबंधित हल्का पटवारी लोकेश चंदला को निलंबित करने के निर्देश दिए। नारायण नांदेड़ा तथा अपर तहसीलदार मल्हारगंज लोकेश अड़जा के कार्य की समीक्षा की। निरीक्षण में आरसीएमएस पोर्टल पर प्रकरण दर्ज नहीं किए जाने, प्रकरणों के आदेश का मेंटेनेंस केस की सूची तैयार नहीं होने, विविध रजिस्टर उपलब्ध नहीं होने सहित अन्य कमियां पाई गईं।





Total Users : 31488
Leave a comment