इंदौर। इंदौर में लापरवाह अधिकारियों को नोटिस, सख्ती ने असर दिखाया है। इंदौर जिला अब ताजा सीएम हेल्पलाइन रैंकिंग में डी से सीधे ए ग्रेड पर पहुंच गया है। इधर कलेक्टर ने एक बार फिर राजस्व अधिकारियों की बैठक बुला ली है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्राथमिकता वाली सीएम हेल्पलाइन में पांच अगस्त को इंदौर जिले की स्थिति खराब थी। हमेशा टॉप 5 और टॉप 10 में रहने वाला इंदौर राजस्व कामों में डी ग्रेड पर पहुंच गया था। सूत्र ने इस पर खबर प्रकाशित की थी। खबर के बाद कलेक्टर शिवम वर्मा ने सख्ती दिखाई। उन्होंने बैठक लेकर लापरवाह अधिकारियों को एक-एक कर नोटिस जारी किए। इसका असर अब साफ नजर आ रहा है। सीएम हेल्पलाइन की राजस्व कामों की ताजा रैंकिंग में इंदौर ने बड़ी छलांग लगाई है। इंदौर अब पूरे प्रदेश में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है और ए ग्रेड में शामिल हो गया है।
इंदौर के 5 अगस्त को यह थे हाल
5 अगस्त को इंदौर जिले की राजस्व कामों (एमपी सीएम हेल्पलाइन) में रैंक 48वीं थी और जिला डी कैटेगरी में था। कुल 26 राजस्व कोर्ट में से 23 अधिकारियों की कैटेगरी में सी कैटेगरी थी, एक अधिकारी बी कैटेगरी और दो अधिकारी की कोर्ट सी कैटेगरी में थी। इसके बाद 15 अगस्त के बाद स्थिति में सुधार हुआ और इंदौर सी रैंक में पहुंच गया। उस समय पांच अधिकारी ए ग्रेड, नौ अधिकारी बी ग्रेड, आठ अधिकारी सी ग्रेड और चार अधिकारी डी ग्रेड में थे। अब 22 अगस्त की स्थिति में इंदौर ए ग्रेड में पहुंच चुका है। प्रदेश में गुना के बाद इंदौर दूसरे स्थान पर है।
पिछले 15 दिनों में राजस्व कामों में तेजी आई है। लगातार राजस्व कोर्ट लगाई गई और लंबित मामलों का निराकरण किया गया। इसके अलावा शिविरों और सीएम के जन विश्वास अभियान के जरिए मौके पर ही लोगों की समस्याओं का समाधान किया गया। इसी का नतीजा है कि इंदौर अब ए ग्रेड में पहुंच गया है। प्रदेश में गुना के बाद इंदौर दूसरे स्थान पर है।






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