इंदौर। अगस्त की शुरुआत से सोने की कीमतों में तेजी का दौर जारी है। इंदौर के सराफा बाजार में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। 1 अगस्त से 12 अगस्त के बीच 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के संकेतक भाव में करीब 10 से 12 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक का अंतर सामने आया है। हालांकि अलग-अलग बाजार स्रोतों और स्थानीय सराफा कारोबारियों के भाव में मामूली अंतर हो सकता है।
1 अगस्त को क्या था भाव?
1 अगस्त 2026 को उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹14,287 प्रति ग्राम था। यानी 10 ग्राम सोने की कीमत करीब ₹1,42,870 बैठती है। इसी तरह 22 कैरेट सोना करीब ₹13,087 प्रति ग्राम यानी लगभग ₹1,30,870 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था।
12 अगस्त तक कितनी बढ़ी कीमत?
12 अगस्त को उपलब्ध राष्ट्रीय इंडिकेटिव रेट के अनुसार 24 कैरेट सोना करीब ₹15,486 प्रति ग्राम और 22 कैरेट करीब ₹14,195 प्रति ग्राम तक पहुंच गया। इस हिसाब से 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1,54,860, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1,41,950 तक पहुंचती है। यानी 1 अगस्त के मुकाबले 24 कैरेट में करीब ₹11,990 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट में करीब ₹11,080 प्रति 10 ग्राम का अंतर दिखाई देता है।
12 अगस्त को भी तेजी
12 अगस्त को उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 24 कैरेट सोने में पिछले सत्र की तुलना में करीब ₹104 प्रति ग्राम की तेजी रही। वहीं 22 कैरेट सोना करीब ₹95 प्रति ग्राम महंगा हुआ। 10 ग्राम के हिसाब से देखें तो एक दिन में 24 कैरेट सोने की कीमत में करीब ₹1,040 और 22 कैरेट में करीब ₹950 का अंतर आया।
सोना क्यों हो रहा महंगा?
सोने की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिविधियों का सीधा असर पड़ता है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव, डॉलर की स्थिति, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत जैसे कई कारक इसकी कीमत को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा भारत में आयात लागत, रुपये की विनिमय दर और घरेलू मांग भी सोने के भाव में बदलाव की अहम वजह हैं।

इंदौर के ग्राहकों की बढ़ी चिंता
सोने की कीमतों में तेजी का सबसे ज्यादा असर शादी-ब्याह और त्योहारों के लिए आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों पर पड़ रहा है। खासतौर पर 22 कैरेट सोना ज्वेलरी में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने के कारण इसकी कीमत बढ़ने का सीधा असर आभूषणों के बजट पर पड़ता है। ग्राहकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि सोने का बाजार भाव और ज्वेलरी की अंतिम कीमत अलग हो सकती है। आभूषण खरीदते समय मेकिंग चार्ज, 3 प्रतिशत GST और अन्य लागू शुल्क भी जुड़ सकते हैं।
निवेशकों की भी नजर
लगातार तेजी के बीच निवेशकों की नजर अब सोने की आगे की चाल पर है। वैश्विक परिस्थितियों में बदलाव के साथ कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव है। इसलिए खरीदारी या निवेश से पहले स्थानीय बाजार का ताजा भाव और अपनी जरूरत को ध्यान में रखना जरूरी है।
इंदौर में सोने के भाव पर एक नजर

नोट: 12 अगस्त के आंकड़े उपलब्ध राष्ट्रीय इंडिकेटिव रेट पर आधारित हैं। इंदौर के स्थानीय सराफा बाजार में वास्तविक खरीद-बिक्री का भाव ज्वेलर, टैक्स, प्रीमियम और अन्य शुल्क के कारण अलग हो सकता है। खास बात: अगस्त के पहले 12 दिनों में सोने के भाव में आई तेजी ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि सोना सिर्फ आभूषण ही नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों से प्रभावित होने वाली प्रमुख संपत्ति भी है।






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