इंदौर। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 31 जुलाई को कॉलेज लेवल काउंसलिंग का एडमिशन पोर्टल बंद किए जाने के बाद प्रदेशभर के हजारों विद्यार्थी शैक्षणिक सत्र गंवाने के खतरे का सामना कर रहे हैं। स्थिति तब और गंभीर हो गई है जब प्रदेश के कई कॉलेजों में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की हजारों सीटें अब भी खाली हैं।
इस निर्णय का सबसे अधिक असर उन विद्यार्थियों पर पड़ा है, जो सीबीएसई की 12वीं सप्लीमेंट्री परीक्षा, मध्यप्रदेश बोर्ड की ‘रुक जाना नहीं’ योजना या फिर स्टूडेंट्स नीट और जेईई जैसी राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं के परिणाम और काउंसलिंग प्रक्रिया का इंतजार कर रहे थे। पोर्टल बंद होने के कारण अब ये विद्यार्थी नियमित बीए, बीकॉम और बीएससी जैसे पाठ्यक्रमों में प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं। विद्यार्थियों ने उच्च शिक्षा विभाग को ई-मेल भेजकर एक अतिरिक्त सीएलसी (CLC) राउंड शुरू करने की मांग की है। नीट अभ्यर्थी विवर्ती जोशी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की संभावना कम होने पर वह बीएससी में दाखिला लेना चाहती थीं, लेकिन तब तक प्रवेश प्रक्रिया बंद हो चुकी थी।
प्रवेश पाने अब भी विद्यार्थी कॉलेज पहुंच रहे हैं
निजी कॉलेज प्राचार्य संघ के अध्यक्ष डॉ. सौरभ पारिख ने कहा कि तकनीकी शिक्षा संचालनालय के अंतर्गत प्रोफेशनल कोर्स की काउंसलिंग अभी जारी है, जबकि पारंपरिक डिग्री कोर्स में प्रवेश बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने खाली सीटों को भरने और विद्यार्थियों का साल बचाने के लिए एक और स्पेशल राउंड शुरू करने की मांग की है। वहीं, कॉलेज की प्राचार्य डॉ. अनामिका जैन ने भी कहा कि प्रवेश के लिए विद्यार्थी अब भी रोज कॉलेज पहुंच रहे हैं, जिससे अतिरिक्त काउंसलिंग राउंड की आवश्यकता स्पष्ट होती है।




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