भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने फेसलेस रजिस्ट्री व्यवस्था को और तेज और प्रभावी बनाने के लिए बड़ा बदलाव किया है। अब किसी जिले में काम का दबाव अधिक होने पर फेसलेस रजिस्ट्री की फाइल दूसरे जिले के उपलब्ध सब-रजिस्ट्रार के पास भेजी जा सकेगी।
अब रजिस्ट्री का काम नहीं अटकेगा। किसी भी सब-रजिस्ट्रार के पास आपकी फाइल पहुंच सकेगी। जानिए, फेसलेस रजिस्ट्री से आम लोगों को क्या फायदा होगा? मध्य प्रदेश में फेसलेस रजिस्ट्री व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने नया नियम लागू किया है। अब प्रदेश का कोई भी सब-रजिस्ट्रार किसी भी जिले की फेसलेस रजिस्ट्री और अन्य फेसलेस दस्तावेजों का पंजीयन कर सकेगा। सरकार का उद्देश्य लंबित मामलों को कम करना, ऑनलाइन प्रक्रिया को तेज करना और लोगों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना है।
दरअसल, रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 की धारा-6 के तहत किए गए संशोधन के बाद पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के अधिकारियों का अधिकार क्षेत्र पूरे प्रदेश के सभी उपजिलों तक बढ़ा दिया गया है। यह व्यवस्था केवल फेसलेस रजिस्ट्री और अन्य फेसलेस दस्तावेजों के लिए लागू होगी। फरवरी 2026 में शुरू किए गए साइबर सब-रजिस्ट्रार कार्यालय के माध्यम से अब तक 10 हजार से अधिक दस्तावेजों का फेसलेस पंजीयन किया जा चुका है। अब यदि किसी जिले में काम अधिक होगा और दूसरे जिले में अधिकारी उपलब्ध होंगे, तो सिस्टम के जरिए फाइल वहां भेजी जा सकेगी, जिससे रजिस्ट्री का काम बिना रुके पूरा किया जा सकेगा।





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