इंदौर। तकनीक के दौर में अपराधी भी लगातार अपने तरीके बदल रहे हैं। इंदौर में पलासिया थाना पुलिस ने एक ऐसे हाईटेक चोर को गिरफ्तार किया है, जिसने चोरी के इलेक्ट्रॉनिक सामान को खपाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लिया। आरोपी ChatGPT की मदद से नामी कंपनियों के फर्जी खरीद बिल तैयार करता था और उन्हीं बिलों के जरिए चोरी के लैपटॉप, मोबाइल और टैबलेट बाजार में बेच देता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब 13 लाख रुपये कीमत का चोरी का इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी प्रतीक ताराचंद लिखार (32) मूल रूप से महाराष्ट्र का रहने वाला है और मैकेनिकल इंजीनियर है। वह पहले नोएडा में आयकर विभाग में टैक्स असिस्टेंट के पद पर कार्यरत था। शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि ऑनलाइन ट्रेडिंग और शेयर बाजार में भारी नुकसान होने के कारण वह आर्थिक संकट में आ गया। कर्ज बढ़ने के बाद उसने आसान कमाई के लिए चोरी की राह चुन ली और इंदौर में लगातार वारदातों को अंजाम देने लगा।
छात्रों के हॉस्टल और पीजी बनाता था निशाना
आरोपी विशेष रूप से उन हॉस्टल, पीजी और छात्रावासों की रेकी करता था, जहां महंगे लैपटॉप, टैबलेट और मोबाइल मिलने की संभावना रहती थी। सुबह के समय, जब छात्र कॉलेज या कोचिंग के लिए निकल जाते थे, वह सुनसान कमरों में घुसकर चोरी करता था। कई बार खुले कमरों का फायदा उठाता तो कई जगह हाइड्रोलिक कटर और अन्य औजारों से ताला काटकर अंदर प्रवेश करता था।
ChatGPT से तैयार करता था फर्जी ई-बिल
चोरी के बाद सबसे बड़ी चुनौती सामान बेचने की होती थी। इसके लिए आरोपी ने AI तकनीक का सहारा लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह ChatGPT की मदद से फ्लिपकार्ट, लोटस, क्रोमा और अन्य प्रतिष्ठित इलेक्ट्रॉनिक स्टोर्स जैसे दिखने वाले फर्जी खरीद बिल तैयार करता था। इन बिलों में खरीद की तारीख, मॉडल नंबर और कीमत जैसी जानकारी दर्ज कर सामान को असली खरीद का बताकर बेच देता था। फर्जी बिल देखने के बाद खरीदारों को सामान पर शक नहीं होता था।

ऐसे आया पुलिस के हत्थे
हाल के दिनों में पलासिया थाना क्षेत्र में लैपटॉप और मोबाइल चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं। पुलिस ने घटनास्थलों के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी की पहचान की। संदिग्ध गतिविधियों के दौरान उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। शुरुआत में उसने खुद को आयकर विभाग का कर्मचारी बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन उसके बैग से चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार मिलने के बाद सच्चाई सामने आ गई।
13 लाख का माल बरामद
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने 21 लैपटॉप, 4 टैबलेट, 4 स्मार्टफोन, 2 महंगी घड़ियां और चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत लगभग 13 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया और चोरी का सामान किन लोगों को बेचा।
पुलिस कर रही नेटवर्क की जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है। यह भी जांच की जा रही है कि फर्जी बिल तैयार करने और चोरी का सामान बेचने में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। जिन लोगों ने यह सामान खरीदा है, उनसे भी पूछताछ की जाएगी।
मुख्य बिंदु
- मैकेनिकल इंजीनियर निकला हाईटेक चोर।
- ChatGPT की मदद से बनाता था फर्जी इलेक्ट्रॉनिक बिल।
- हॉस्टल और पीजी से करता था लैपटॉप व मोबाइल की चोरी।
- पुलिस ने 13 लाख रुपये का चोरी का सामान किया बरामद।
- आरोपी से अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ जारी है।






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