इंदौर। मेयर पुष्यमित्र भार्गव को गिनती मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खेमें में होती है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अब भार्गव की निकटता मुख्यमंत्री मोहन यादव से ज्यादा बढ़ गई है। इन चर्चाओं को इसलिए भी बल मिला, क्योंकि मेयर भार्गव मंत्री विजयवर्गीय द्वारा बुलाई गई दो बैठकों में गैरमौजूद रहे थे। इस बात को लेकर मंत्री विजयवर्गीय ने मंच से सार्वजनिक तौर पर तीखी टिप्पणी भी की थी।
भाजपा परिषद के चार साल पूरे होने पर मेयर भार्गव ने इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा कि “बड़ों की डांट सम्मान के साथ लेकर चलने की ताकत रखता हूं। मैंने शहर के अच्छे काम मोहन जी और कैलाश जी से कराए हैं। पिछले 20 साल में विजयवर्गीय ने नगर निगम के कामों में जितनी सक्रियता दिखाई, उतनी पहले कभी नहीं थी। इसका फायदा शहर को मिला।”
मेयर ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव को भी उन्होंने शहर के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट बताए, जिन्हें उन्होंने मंजूरी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति में नया हूं और बड़े नेताओं का सम्मान करना जानता हूं। भार्गव ने कहा, “मान लो, वे कभी कोई बात कह दें या डांट लें, तो वह हमारे लिए सीख है। दूर और पास जाने का सवाल ही नहीं उठता।” उनके इस बयान को राजनीतिक चर्चाओं के बीच रिश्तों को लेकर दिया गया स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।






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