भोपाल • मप्र कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (पीएसी) की बैठक मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित की गई। पांच घंटे चली पीएसी की बैठक में जेएन-जी का मुद्दा छाया रहा। नेताओं ने कहा कि आने वाला समय जेएन-जी का है। जेएन-जी क्या सोचते हैं, उनकी क्या विचारधारा है, क्या मुद्दे हैं, क्या प्राथमिकताएं हैं, वे सरकार से क्या चाहते हैं, इस पर विस्तृत स्टडी करने की जरूरत है, ताकि इसके आधार पर चुनावी रणनीति तैयार की जा सके। गौरतलब है कि गत कई दिनों से जेएन-जी के आंदोलनों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। खुद राहुल गांधी इस मुद्दे को लेकर नरेंद्र मोदी और अमित शाह को घेर रहे हैं। इसमें कोई दो राय नहीं है कि इस मुद्दे पर भाजपा के आक्रामक रणनीति को जंग लगता नजर आ रहा है। खुद भाजपा के ही नेता अब बैकफुट पर नजर आ रहे हैं। कांग्रेस के रणनीतिकारों का मानना है कि यही वह समय है, जब जेएन-जी के बीच उमरते आक्रोश को लेकर कांग्रेस पार्टी जमीन पर उतरते और इस वर्ग के सहारे लड़ते होते हैं कि कांग्रेस संगठन को मजबूत कर कार्यकर्ताओं में जोश भरा जा सके। हालांकि कांग्रेस संगठन का यह दिवास्वप्न कितना सफल हो पाएगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, किन्तु दतिया के चुनाव और जेएन-जी के देशव्यापी आंदोलनों ने कांग्रेस को नया उत्साह तो दे ही दिया है।
कमलनाथ, दिग्विजय, नकुलनाथ नहीं आए
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह और कमलनाथ बैठक में शामिल नहीं हुए। बैठक में दिग्विजय सिंह वर्चुअल जुड़े। विमान में तकनीकी खराबी से पूर्व सांसद नकुलनाथ भी बैठक में नहीं आ सके।
सितंबर में उज्जैन आएंगे राहुल गांधी!

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सितंबर में उज्जैन आएंगे। प्रस्तावित दौरे के दौरान वे उज्जैन संभाग के उन कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे, जिनकी नियुक्ति संगठन सृजन के माध्यम से हुई है। कार्यक्रम में उज्जैन के साथ रतलाम, शाजापुर, देवास, आगर मालवा, मंदसौर और नीमच जिले के कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे। राहुल गांधी के प्रस्तावित उज्जैन दौरे की खबर के बाद कांग्रेस संगठन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला अध्यक्ष महेश परमार और शहर अध्यक्ष मुकेश भाटी कार्यक्रम को लेकर रणनीति बनाने में जुटे हैं।






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