कलेक्टर व अन्य कार्यालयों में नहीं हो पालन
इंदौर संकेत प्रतिनिधि
इंदौर। कलेक्टर कार्यालय में अब बिना हेलमेट पहुंचने वालों की खैर नहीं। सड़क सुरक्षा को लेकर हुई बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद प्रशासन ने सरकारी दफ्तरों में हेलमेट की अनिवार्यता को सख्ती से लागू करना शुरू कर दिया है। सोमवार से कलेक्टर कार्यालय के मुख्य गेट सहित सभी प्रवेश द्वारों पर जवान तैनात किए। कुछ समय तो रोक-टोक की, लेकिन बाकी दिन भर कोई रोक-टोक नहीं रही और बिना हेलमेट के आने वाले लोगों को आराम से पार्किंग में गाड़ी रखने दी गई।
दूसरी जगह पार्किंग
पिछले तीन दिन से सुबह-सुबह यह रोक-टोक होती है, लेकिन दोपहर बाद यह रोक-टोक बंद हो जाती है और बिना हेलमेट पहनने वाला व्यक्ति भी आराम से कलेक्टर कार्यालय में प्रवेश करते नजर आ रहे हैं। कलेक्टर कार्यालय पर सुबह सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं और कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों को बिना हेलमेट के प्रवेश नहीं करने देते। ऐसे में वे कर्मचारी जो बिना हेलमेट आते हैं, वे अब सुबह और कहीं पर गाड़ी पार्क कर आते हैं और दोपहर बाद जब सख्ती खत्म हो जाती है तो गाड़ी कार्यालय परिसर में लेकर आ जाते हैं। सुबह के समय जब सख्ती रहती है तो कलेक्टर कार्यालय के आसपास पार्किंग की जगह भर जाती है और गलियों में लोग गाड़ी पार्क करते हैं।
सभी सरकारी दफ्तरों में लागू होगी व्यवस्था
कलेक्टर ने जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों के हेलमेट पहनकर ही प्रवेश करने की व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत कार्यालयों के प्रवेश द्वारों पर हेलमेट की जांच की जाएगी। बिना हेलमेट आने वाले कर्मचारियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। प्रशासन अब इसी प्रक्रिया को अन्य सरकारी दफ्तरों में भी लागू करने की तैयारी में है। ज्ञात हो कि सड़क सुरक्षा समिति की बैठक के दौरान सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश अभय मनोहर सप्रे ने हेलमेट नहीं पहनने वाले कर्मचारियों की जानकारी उनकी सीआर रिपोर्ट में दर्ज करने का सुझाव दिया था। इसके बाद प्रशासन ने सरकारी कार्यालयों में हेलमेट अनिवार्य करने की दिशा में कदम उठाया है।





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