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निलंबन की मांग उठी तो अचानक मिली शिक्षकों की फाइलें!

इंदौर। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की स्थापना शाखा में प्रमोशन की फाइलों को लेकर चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। सैकड़ों शिक्षकों से बार-बार फाइलें और दस्तावेज मांगने के मामले में अब शिक्षक संगठनों ने भी मोर्चा खोल दिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिन फाइलों के शिक्षकों ने लंबे समय से परेशान होने का आरोप लगाया था, उन्हें फाइलों के गायब होने वाले लिपिक के निलंबन की मांग उठते ही अचानक फाइलें मिल गईं। इधर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का कहना है कि स्कूल प्राचार्यों की लापरवाही के चलते यह फाइलें इधर-उधर हो रही हैं। कार्यालय के निर्देशानुसार स्कूल प्राचार्यों को शिक्षकों की फाइलें एकत्रित कर कार्यालय में जमा करना थीं, लेकिन शिक्षक सीधे डीडीओ कार्यालय में जमा कर गए, जिससे जांच में फाइलों के संबंध में अस्पष्टता निर्मित हुई।

बताया जाता है कि शुक्रवार को मध्यप्रदेश शिक्षक कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक परमार और आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष के. के. आर्य अपने संगठन के अन्य पदाधिकारियों के साथ जिला शिक्षा अधिकारी गौरव मन्हेलिया से मिले। उन्होंने स्थापना शाखा में पदस्थ लिपिक रोहित खांडेकर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उनके निलंबन की मांग की। संगठन के पदाधिकारियों ने प्रमोशन प्रक्रिया में शिक्षकों को हो रही देरी, परेशानियों और फाइलों को लेकर उठ रहे सवालों से डीईओ को अवगत कराया।

शिकायतों के बावजूद ‘कुर्सी’ नहीं छूटी!

इसी बीच स्थापना शाखा में पदस्थ लिपिक रोहित खांडेकर को लेकर भी विभाग में चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के अनुसार, पूर्व में भी शिक्षकों द्वारा उनके व्यवहार और कार्यशैली को लेकर तहसीलदार डीडीओ से शिकायत की गई थी। उस समय उन्हें चेतावनी देकर अपनी कार्यशैली सुधारने को कहा गया था। इसके बावजूद उनकी कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठते रहे हैं। हालिया प्रशासनिक तबादले में जब उन्हें डीडीओ कार्यालय हटाने का आदेश जारी हुआ था, तब चर्चा रही कि न्यायालय से तबादले पर स्थगन आदेश नहीं दिया गया, हालांकि विभाग ने जवाब मांगा है। अब विभाग ने न्यायालय से क्या जवाब दिया, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

एक और लिपिक पर भी कार्रवाई की तैयारी?

इधर, स्थापना शाखा से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आ रही है। सूत्रों की मानें तो स्थापना विभाग के एक अन्य लिपिक के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी है और उसके निलंबन से संबंधित फाइल वरिष्ठ कार्यालय को भेजे जाने की चर्चा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

सूत्रों के अनुसार, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की स्थापना शाखा में बड़ी गड़बड़ी चल रही है, जिसके चलते एक के बाद एक कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवालों के घेरे में आ रही है।

डीडीओ का आश्वासन—किसी भी शिक्षक का नहीं होगा नुकसान

सूत्रों के अनुसार, शिक्षक संगठन की पदाधिकारियों को डीडीओ गौरव मन्हेलिया ने आश्वस्त किया कि प्रमोशन की प्रक्रिया में किसी भी शिक्षक का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। जो भी पात्र शिक्षक होगा, उसे प्रमोशन अवश्य मिलेगा। एक-दो दिन में शिविर लगाकर भी शेष रह गई फाइलों को जमा कर दिया जाएगा।

शिक्षकों के प्रमोशन की प्रक्रिया में जैसे कोई बाधा नहीं हो, जिन भी शिक्षकों की फाइलें शेष रह गई हैं, उन्हें विशेष शिविर के माध्यम से मंगवाकर पटकवार प्रक्रिया में शामिल कर देंगे। कोई भी पात्र शिक्षक किसी भी स्थिति में प्रमोशन की प्रक्रिया से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

— गौरव मन्हेलिया, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला इंदौर

शिक्षक संगठनों की प्रतिक्रिया

आलोक परमार, कार्यकारी अध्यक्ष एवं जिला अध्यक्ष, मध्यप्रदेश शिक्षक कांग्रेस ने कहा कि संगठन को लगातार शिक्षकों की शिकायतें मिल रही थीं। डीडीओ कार्यालय को बाबू फाइलें घूमाने का बहाना कर परेशान कर रहे थे। डीईओ ने निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया है।

के. के. आर्य, प्रदेश उपाध्यक्ष, आजाद अध्यापक शिक्षक संघ ने कहा कि बरसों से प्रमोशन की राह देख रहे शिक्षकों के साथ डीडीओ कार्यालय के लिपिक द्वारा खिलवाड़ किया जा रहा था। डीईओ से मिलकर संबंधित कर्मचारियों को निलंबित करने की मांग रखी गई है। डीईओ ने शिक्षकों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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