Home धर्म/समाज इस बार का गणेशोत्सव पंचगव्य आस्था के साथ पुण्य भी
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इस बार का गणेशोत्सव पंचगव्य आस्था के साथ पुण्य भी

इन्दौर में इस गणेशोत्सव पर पर्यावरण संरक्षण हेतु भिक्षुक पुनर्वास केंद्र के 28 हितग्राहियों ने समाज की मुख्यधारा में लौटकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक अद्भुत कदम उठाया है।
ये वही लोग हैं जिन्होंने अतीत की मुस्किलों (मानसिक विक्षिप्तता, भिक्षावृत्ति, नशा, मानव तस्करी के शिकार आदि) को हराकर आज अपने परिश्रम से पूर्णतः शुद्ध एवं पर्यावरण हितैषी (म्बव-तिपमदकसल) पंचगव्य गोबर के भगवान् गणेश की सुंदर प्रतिमाओं का निर्माण किया है। साथ ही गणेश जी के लिए मोतियों की सुन्दर माता व पूजा के लिए पवित्र गोबर से निर्मित अगरबत्ती, दीपक, अगरबत्ती स्टैंड, धूपचत्ती स्टैंड, रुई चाती एवं शुद्ध देसी कपूर की गोलियां भी इन्ही हितग्राहियों के द्वारा बनाये गए है।
इन मूर्तियों की विशेषता पवित्र सामग्रीरू गौमाता का गोबर, दूध, दही, घी, गोमूत्र और गणेश जी की प्रिय दूर्वा से निर्मित। पर्यावरण संरक्षकरू प्रकृति में आसानी से विलीन, नदी-तालाबों के लिए सुरक्षित। प्रेरणा यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के स्वदेशी अपनाओ अभियान से प्रेरित। यह गणेश जी की पंचगव्य मूर्ति घर में सिर्फ गणेश जी की स्थापना नहीं, बल्कि उन व्यक्तियों का सम्मान होगा जिन्होंने भिक्षावृत्ति छोड़कर मेहनत और स्वाभिमान का मार्ग चुना है। यह एक पहल इन हितग्राहियों के स्वावलंबन व स्व-उत्थान के प्रयास को एक सार्थक मंच प्रदान करेगी। आइये, इनकी मेहनत को सम्मान दें और इनके जीवन में आजीविका हेतु आशा का नया दीपक जलाएँ।

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