इन्दौर। शहर में अपराधियों के बढ़ते हौसलों का एक और बड़ा उदाहरण सोमवार रात उस समय सामने आया, जब पंढरीनाथ थाना क्षेत्र में दो बदमाशों ने एक कलेक्शन एजेंट से 29 लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया। वारदात इतनी सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई कि पुलिस को भी आशंका है कि आरोपियों ने पहले से रेकी कर कलेक्शन एजेंट की गतिविधियों पर नजर रखी हुई थी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल जांच शुरू कर तीन थानों की पुलिस टीमों को आरोपियों की तलाश में लगाया है।
जानकारी के अनुसार सृष्टि मेटल्स के लिए कलेक्शन का कार्य करने वाले मुकेश अग्रवाल रोजाना की तरह सोमवार को भी शहर के विभिन्न व्यापारिक क्षेत्रों में भुगतान और वसूली का काम कर रहे थे। उन्होंने बर्तन बाजार, मोहनपुरा और आसपास के व्यापारियों से लाखों रुपये की राशि एकत्र की थी। देर शाम तक कलेक्शन पूरा करने के बाद वे नकदी से भरा बैग लेकर अपने गंतव्य की ओर लौट रहे थे। पुलिस के मुताबिक रात करीब 8:30 बजे जब मुकेश अग्रवाल निहालपुरा क्षेत्र से गुजर रहे थे, उसी दौरान एक्टिवा पर सवार दो युवक उनका पीछा करते हुए वहां पहुंचे। बताया जा रहा है कि बदमाश पहले से ही उनकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे और सही मौके का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही उन्हें सुनसान या कम भीड़भाड़ वाला स्थान मिला, उन्होंने मुकेश को रोक लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों बदमाश बेहद तेजी और आत्मविश्वास के साथ वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे। उन्होंने मुकेश अग्रवाल को डराया-धमकाया और उनके हाथ में मौजूद नकदी से भरा बैग छीन लिया। बैग में करीब 29 लाख रुपये नकद रखे हुए थे। इससे पहले कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, दोनों आरोपी एक्टिवा पर सवार होकर मौके से फरार हो गए। घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पंढरीनाथ थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने क्षेत्र की घेराबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू की, लेकिन देर रात तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका।
सीसीटीवी में कैद हुई पूरी वारदात
पुलिस जांच में सबसे अहम सुराग आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से मिला है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पूरी घटना कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। फुटेज में दो संदिग्ध युवक एक्टिवा पर आते-जाते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस अब इन फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। इसके अलावा वारदात से पहले और बाद के रूट की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी किस दिशा से आए और घटना के बाद कहां फरार हुए।
पहले से थी रकम की जानकारी?
जांच अधिकारियों का मानना है कि यह सामान्य लूट की घटना नहीं लगती। जिस प्रकार आरोपियों ने सीधे उस व्यक्ति को निशाना बनाया जिसके पास बड़ी नकदी थी, उससे यह आशंका मजबूत हो रही है कि बदमाशों को पहले से ही रकम और कलेक्शन की जानकारी थी। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि कहीं किसी ने आरोपियों को अंदरूनी सूचना तो नहीं दी थी या फिर कई दिनों से रेकी कर एजेंट की दिनचर्या पर नजर रखी जा रही थी।

तीन थानों की टीमें जुटीं
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन थानों की पुलिस टीमों को लगाया गया है। शहर के विभिन्न चौराहों, मार्गों और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। साथ ही मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जांच के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि वारदात में केवल दो आरोपी शामिल थे या उनके पीछे कोई बड़ा गिरोह काम कर रहा है।
व्यापारियों में चिंता
शहर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्र में हुई इस बड़ी लूट की घटना के बाद व्यापारियों में चिंता का माहौल है। व्यापारियों का कहना है कि लाखों रुपये का कलेक्शन लेकर आने-जाने वाले कर्मचारियों और एजेंटों की सुरक्षा को लेकर अब गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। वहीं पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल पंढरीनाथ थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शहर की सबसे बड़ी लूट की घटनाओं में शामिल इस मामले पर पुलिस की नजर बनी हुई है और आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।



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