इंदौर। इंदौर में सोमवार को न तो सीएम का दौरा था, न किसी नेता की तिरंगा यात्रा थी और न किसी तरह का धरना-प्रदर्शन, फिर भी यातायात पुलिस को कोई विशेष ट्रैफिक व्यवस्था संभालने का मौका नहीं था। यही कारण है कि आज राजवाड़ा से लेकर लगभग हर प्रमुख चौराहे पर ट्रैफिक जवान वाहन चालकों को रोक-रोककर धड़ल्ले से चालान बनाते नजर आए।
कृष्णपुरा छत्री से राजवाड़ा की ओर जाने वाले मार्ग पर वैसे तो हमेशा जवान तैनात रहते हैं और ई-रिक्शा सहित अन्य वाहनों को अंदर प्रवेश नहीं करने देते। लेकिन आज नजारा कुछ अलग था। उक्त स्थान पर तो जवान गायब मिले, लेकिन जैसे ही अन्य प्रतिबंधित वाहन राजवाड़ा की ओर पहुंचे, उन्हें बीच में ही धर लिया गया और जमकर चालानी कार्रवाई हुई। इसी तरह महू नाका, विजय नगर से लेकर लगभग हर चौराहे पर आमजन को जबरदस्ती रोककर चालानी कार्रवाई चलती रही।
इधर… 3 घंटे तक फंसे रहे स्कूल-कॉलेज के बच्चे और एम्बुलेंस
हमारी यातायात पुलिस कितने भी हाईटेक होने के दावे करती रहे, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि जितनी सक्रियता चालान वसूली में दिखाई देती है, उतनी आमजन को यातायात जाम से मुक्ति दिलाने में दिखाई नहीं देती।
आज सोमवार को ही लवकुश चौराहे पर करीब 3 घंटे तक भीषण जाम लगा रहा और सैकड़ों वाहन रेंगते नजर आए। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल-कॉलेज की बसों और अस्पतालों की एम्बुलेंस से लेकर समय पर दफ्तर पहुंचने वालों को झेलना पड़ी। सुबह करीब 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक यहां जाम की स्थिति रही और यातायात व्यवस्था को बहाल करने में जिम्मेदारों के पसीने छूट गए।





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