भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8वीं तक के 56 लाख विद्यार्थियों को मिलने वाली स्कूल ड्रेस देने के फैसले में बदलाव की तैयारी है। अगले सत्र से शैक्षणिक सत्र के करीब आधे से ज्यादा समय बीतने के बावजूद बच्चों को यूनिफॉर्म नहीं मिल सकी है। ऐसे में स्कूल शिक्षा विभाग अब कैबिनेट से दोबारा मंजूरी लेकर ड्रेस की राशि विद्यार्थियों के बैंक खातों में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए भेजने की तैयारी कर रहा है।
जून में कैबिनेट ने लिया था सिलाई ड्रेस देने का फैसला
मोहन कैबिनेट ने जून में कक्षा 1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों को दो यूनिफॉर्म सिलवाने देने का फैसला किया था। इसके लिए मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के जरिए 350 करोड़ रुपए का टेंडर जारी था। प्रदेश 3 जून को टेंडर किया गया था। हालांकि, टेंडर प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो सकी। इसके चलते यूनिफॉर्म की सिलाई और सप्लाई शुरू नहीं हो पाई। अब अगस्त का महीना भी बीतने जा रहा है और ड्रेस का इंतजार कर रहे हैं।
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह की मौजूदगी में हुई बैठक में यूनिफॉर्म वितरण को व्यवस्थित बदलने का फैसला लिया गया है। विभाग जल्द ही संशोधित प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखेगा। मंजूरी मिलने के बाद विद्यार्थियों को दो जोड़ी यूनिफॉर्म के लिए तय राशि सीधे उनके खातों में भेजी जाएगी।
सिली हुई यूनिफॉर्म की सप्लाई का टेंडर देने की योजना थी। टेंडर प्रक्रिया को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। इसके बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 15 अगस्त तक अंतरिम रोक लगा दी।






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