भोपाल। मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर बहस अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। राज्य सरकार का दावा है कि यूसीसी पर गठित उच्च स्तरीय समिति को 9.5 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से करीब 93 प्रतिशत लोगों ने इसका समर्थन किया है।
खास बात यह है कि सरकार मुस्लिम महिलाओं के बड़े वर्ग द्वारा समर्थन मिलने का दावा कर रही है, जबकि दूसरी ओर कई मुस्लिम धर्मगुरु इसके कुछ प्रावधानों का विरोध कर रहे हैं। राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच जारी इस बहस के बीच सरकार जुलाई में होने वाले विधानसभा सत्र में यूसीसी विधेयक लाने की तैयारी कर रही है।
9.5 लाख से अधिक सुझाव, 93 फीसदी समर्थन का दावा
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति के पास अब तक 9.5 लाख से अधिक सुझाव पहुंच चुके हैं। सरकार का कहना है कि इनमें से करीब 8.9 लाख लोगों ने समान नागरिक संहिता के पक्ष में राय दी है। समिति सभी सुझावों का परीक्षण कर रही है और प्राप्त राय के आधार पर अंतिम रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। सरकार की योजना आगामी विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को लेकर विधेयक प्रस्तुत करने की है।

मुस्लिम महिलाओं के समर्थन का दावा बना चर्चा का विषय
यूसीसी पर सबसे ज्यादा चर्चा मुस्लिम महिलाओं के कथित समर्थन को लेकर हो रही है। सरकार का दावा है कि बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाओं ने समान नागरिक संहिता के पक्ष में अपनी राय दी है। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यूसीसी को लेकर लंबे समय से महिलाओं के अधिकार और समानता का मुद्दा प्रमुख रूप से उठाया जाता रहा है।






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