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कचरा वाहन खरीदने में नगर निगम ने लगाया ब्रेक

आर्थिक स्थिति बिगड़ने से 100 से ज्यादा नए वाहनों की खरीद फिलहाल टली, पुराने वाहनों की मरम्मत कर चला रहा काम

देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा लगातार बरकरार रखने के लिए इंदौर नगर निगम एक ओर शहरभर में सफाई व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहा है, वहीं दूसरी ओर निगम की कमजोर आर्थिक स्थिति अब विकास और स्वच्छता से जुड़े कई प्रस्तावों पर असर डालने लगी है। वित्तीय दबाव के चलते नगर निगम ने फिलहाल नए कचरा वाहनों और अन्य सफाई सामग्री की खरीद पर ब्रेक लगा दिया है। जिन टेंडरों के माध्यम से बड़ी संख्या में नए वाहन खरीदे जाने थे, उन्हें फिलहाल रोक दिया गया है।

100 के करीब डोर-टू-डोर कचरा वाहन खरीदने की थी तैयारी

नगर निगम ने शहर के अलग-अलग जोनों और वार्डों में सफाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए लगभग 100 नए डोर-टू-डोर कचरा वाहनों की खरीद की योजना बनाई थी। इनमें करीब 80 से अधिक इलेक्ट्रिक कचरा वाहनों को शामिल करने का प्रस्ताव था, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ ईंधन खर्च में भी कमी लाई जा सके। इसके लिए करोड़ों रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया था, लेकिन वर्तमान आर्थिक हालात को देखते हुए इस योजना को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।

फिलहाल पुराने वाहनों से ही चलाया जाएगा काम

नगर निगम ने निर्णय लिया है कि जब तक आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं होता, तब तक पुराने कचरा वाहनों की मरम्मत और रखरखाव कर उन्हीं के माध्यम से सफाई व्यवस्था संचालित की जाएगी। कई वाहनों की रिपेयरिंग का काम शुरू कर दिया गया है, जिससे उनकी कार्यक्षमता बढ़ाई जा सके और नए वाहनों की तत्काल आवश्यकता न पड़े।

सिर्फ जरूरी सामग्री की ही होगी खरीद

निगम अधिकारियों के अनुसार वर्तमान समय में केवल अत्यंत आवश्यक सामग्री और उपकरणों की ही खरीद की जा रही है। ट्रैक्टर, ट्रॉली, छोटे-बड़े सफाई उपकरण तथा अन्य जरूरी संसाधनों को भी कम लागत में उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाते हुए निगम अपने वित्तीय संसाधनों का संतुलित उपयोग कर रहा है।

एक-दो महीने बाद फिर शुरू हो सकती है खरीद प्रक्रिया

नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यदि आने वाले एक-दो महीनों में निगम की आर्थिक स्थिति में सुधार होता है और राजस्व संग्रह बेहतर रहता है, तो नए कचरा वाहनों की खरीद प्रक्रिया दोबारा शुरू की जा सकती है। फिलहाल किसी भी नए टेंडर पर अंतिम निर्णय लेने से पहले वित्तीय स्थिति का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।

स्वच्छता अभियान पर नहीं पड़ेगा असर

हालांकि वाहन खरीद पर रोक लगाई गई है, लेकिन नगर निगम का दावा है कि शहर की सफाई व्यवस्था और स्वच्छता अभियान पर इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। निगम का पूरा फोकस नियमित कचरा संग्रहण, डोर-टू-डोर कलेक्शन, सड़क सफाई और स्वच्छता व्यवस्था को पहले की तरह सुचारू बनाए रखने पर है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सफाई व्यवस्था को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।

अपर आयुक्त ने कही यह बात

नगर निगम के अपर आयुक्त राजेंद्र राठौर ने बताया कि निगम की वर्तमान आर्थिक स्थिति को देखते हुए सभी प्रकार की खरीदी सोच-समझकर की जा रही है। फिलहाल आवश्यक संसाधनों की खरीद को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि बड़े खर्च वाले प्रस्तावों को कुछ समय के लिए टाल दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता अभियान पहले की तरह लगातार जारी रहेगा और शहर की सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

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