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इंदौर में छह गोदामों में भीषण आग, साढ़े चार घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू

2 लाख लीटर से अधिक पानी की बौछारें, लाखों का सामान जलकर खाक, रिहायशी बस्ती तक पहुंचने से रोकी आग

इंदौर। शहर के एमआईजी लिंक रोड क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक बड़ा अग्निकांड सामने आया, जब सड़क किनारे स्थित करीब छह व्यावसायिक गोदामों और कारखानों में अचानक भीषण आग भड़क उठी। आग इतनी विकराल थी कि कुछ ही मिनटों में उसने टेंट हाउस, टायर गोदाम, सोफा निर्माण इकाई और प्लाइवुड के स्टॉक को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के दौरान आसमान में दूर तक धुएं के काले गुबार दिखाई दिए, जबकि आग की ऊंची-ऊंची लपटों ने आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। सबसे चिंताजनक स्थिति यह थी कि जिस स्थान पर आग लगी, उसके ठीक समीप एक घनी रिहायशी बस्ती स्थित है। आग की लपटें देखकर स्थानीय लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। कई परिवारों ने एहतियात के तौर पर अपने घर खाली कर दिए। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और एमआईजी थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।.

रात तीन बजे मिली सूचना, तत्काल पहुंची दमकल टीम

फायर ब्रिगेड अधिकारियों के अनुसार, रात करीब तीन बजे गांधी हॉल फायर स्टेशन को लिंक रोड स्थित गोदामों में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही एएसआई सुशील कुमार दुबे के नेतृत्व में दमकल दल मौके पर रवाना हुआ। जब टीम घटनास्थल पर पहुंची तब तक आग कई गोदामों में फैल चुकी थी और तेजी से भड़क रही थी। आग जिन स्थानों पर लगी थी वहां बड़ी मात्रा में टेंट का कपड़ा, फोम, लकड़ी, प्लाइवुड और टायर रखे हुए थे। इन ज्वलनशील सामग्रियों के कारण आग लगातार फैलती गई और दमकल विभाग के सामने चुनौती बढ़ती चली गई।

3 दमकल वाहन और 6 पानी के टैंकर लगाए गए

आग की भयावहता को देखते हुए दमकल विभाग ने तीन मुख्य फायर ब्रिगेड वाहनों के साथ छह पानी के टैंकरों को भी मौके पर बुलाया। आग पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार पानी की बौछारें की गईं। अधिकारियों के मुताबिक आग बुझाने में करीब 2 लाख लीटर से अधिक पानी का उपयोग किया गया। करीब साढ़े चार घंटे तक चले रेस्क्यू और फायर फाइटिंग ऑपरेशन के बाद सुबह लगभग पौने आठ बजे आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। इस दौरान दमकल कर्मियों ने लगातार धुएं और गर्मी के बीच काम करते हुए आग को फैलने से रोका।

बस्ती को बचाने की सबसे बड़ी चुनौती

दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती आग को नजदीकी रिहायशी बस्ती तक पहुंचने से रोकना था। यदि आग बस्ती में फैल जाती तो बड़ा जनहानि वाला हादसा हो सकता था। दमकल कर्मियों ने रणनीति के तहत पहले कट-ऑफ पॉइंट तैयार किया और आग की दिशा को नियंत्रित किया। इसके बाद लगातार पानी डालकर लपटों को बस्ती की ओर बढ़ने से रोका गया। टीम की त्वरित कार्रवाई के चलते एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

कई कारोबारियों का लाखों का नुकसान

फायर ब्रिगेड और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिस भूमि पर ये गोदाम और कारखाने संचालित हो रहे थे, उसके मालिक शब्बीर भाई बताए जा रहे हैं, जिन्होंने परिसर अलग-अलग व्यापारियों को किराए पर दे रखा था। इस अग्निकांड में कई कारोबारियों को भारी नुकसान हुआ है। आग में राहुल भंडारी के टेंट हाउस का सामान पूरी तरह जल गया। वहीं मेहमूद के नए और पुराने टायरों का स्टॉक भी राख हो गया। इरफान अली की सोफा निर्माण इकाई में रखा फोम, तैयार सामान और मशीनरी प्रभावित हुई, जबकि प्रशांत के प्लाइवुड गोदाम में रखा कीमती स्टॉक भी आग की भेंट चढ़ गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारी

प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण बिजली के तारों या खंभे में हुए शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। हालांकि पुलिस और संबंधित विभाग अभी सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है और तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

जनहानि नहीं, लेकिन बड़ा आर्थिक नुकसान

राहत की बात यह रही कि हादसे के समय गोदामों में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिसके कारण किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि आग ने कई व्यापारियों की वर्षों की मेहनत और लाखों रुपये के माल को नष्ट कर दिया। फिलहाल प्रशासन और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं तथा नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

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