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इंदौर में नगर निगम का बड़ा बुलडोजर एक्शन: 6 साल से कागजों में अटका 100 बेड अस्पताल अब होगा हकीकत, सरकारी जमीन से हटाया अतिक्रमण

इंदौर। शहर के खजराना क्षेत्र में नगर निगम और जिला प्रशासन ने सोमवार को बड़ा बुलडोजर अभियान चलाकर करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। यह कार्रवाई नाहर शाहवली दरगाह के सामने स्थित उस भूमि पर की गई, जहां पिछले कई वर्षों से अवैध झोपड़ियां, दुकानें और कुछ पक्के निर्माण खड़े थे। इस कार्रवाई के बाद अब छह वर्षों से कागजों में अटके 100 बेड के प्रस्तावित सिविल अस्पताल के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।

4 पोकलेन, भारी अमला और घंटों चली कार्रवाई

सुबह से ही नगर निगम की रिमूवल गैंग, जिला प्रशासन, पुलिस बल और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। कार्रवाई के दौरान करीब 4 पोकलेन मशीनों, जेसीबी और अन्य वाहनों की मदद से अतिक्रमण हटाया गया। लगभग 50 से अधिक कर्मचारियों और श्रमिकों ने कई घंटों तक अभियान चलाया। प्रशासन के अनुसार कार्रवाई के दौरान 50 से अधिक झोपड़ियां, 10 से 12 अवैध दुकानें और कुछ अन्य निर्माण हटाए गए। पूरे अभियान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने।

सरकारी जमीन पर वर्षों से था कब्जा

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक यह जमीन अस्पताल निर्माण के लिए आरक्षित थी, लेकिन समय के साथ यहां लोगों ने अवैध कब्जे कर लिए। खाली पड़ी सरकारी भूमि पर झोपड़ियां और दुकानें बनाकर कुछ लोगों ने उन्हें किराये पर देना शुरू कर दिया था। इससे सरकारी परियोजना लगातार प्रभावित होती रही और अस्पताल निर्माण आगे नहीं बढ़ सका।

नगर निगम ने पहले भी कई बार नोटिस जारी किए थे, लेकिन कब्जाधारियों द्वारा अतिक्रमण नहीं हटाने पर आखिरकार बुलडोजर कार्रवाई करनी पड़ी।

6 साल तक सिर्फ कागजों में चलता रहा अस्पताल

खजराना में प्रस्तावित 100 बेड के सिविल अस्पताल की योजना करीब छह साल पहले बनाई गई थी, लेकिन जमीन अतिक्रमण की वजह से भवन निर्माण शुरू ही नहीं हो पाया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि अस्पताल की इमारत अस्तित्व में नहीं होने के बावजूद करीब 87 कर्मचारियों की नियुक्ति, ट्रांसफर और पदस्थापना कागजों पर होती रही। इनमें डॉक्टर, नर्स, तकनीकी कर्मचारी और अन्य स्टाफ शामिल बताए जाते हैं। यह मामला समय-समय पर चर्चा और विवाद का विषय भी बना रहा।

खजराना सहित आसपास के क्षेत्रों को मिलेगा लाभ

अस्पताल बनने के बाद खजराना, नाहर शाहवली क्षेत्र, मुसाखेड़ी, पलासिया से जुड़े कई इलाकों सहित आसपास की बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। वर्तमान में लोगों को उपचार के लिए एमवाय अस्पताल, जिला अस्पताल या शहर के अन्य अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है।

100 बेड का यह अस्पताल शुरू होने से प्राथमिक और माध्यमिक स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे मरीजों को राहत मिलेगी।

अब निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद

सरकारी जमीन पूरी तरह खाली होने के बाद अब अस्पताल निर्माण में सबसे बड़ी बाधा समाप्त हो गई है। प्रशासन का कहना है कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।

स्थानीय लोगों का भी मानना है कि यदि अस्पताल समय पर बनता है तो क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा और वर्षों से लंबित यह परियोजना आखिरकार धरातल पर उतर सकेगी।

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