किराना और मिठाई सहित अन्य वस्तुओं में 30 फीसदी तक आ गया उछाल
इंदौर। भाई-बहन के प्रेम का पर्व रक्षाबंधन इस बार इंदौरवासियों की जेब पर भी भारी पड़ता नजर आ रहा है। खाद्य सामग्रियों के भाव भी बढ़ गए हैं। महंगाई की मार आम जनता पर पड़ने लगी है। बाजार में कई जरूरी राशन और पूजन सामग्रियों के दामों में अचानक बड़ा उछाल देखा जा रहा है। विशेष रूप से बादाम, नारियल और शक्कर की कीमतों में तेजी आई है, जिससे त्योहारों की तैयारियों में लगे परिवारों का बजट प्रभावित हो रहा है। वहीं राखी, रुमाल भी महंगे हो गए हैं।
किराना बाजार में बढ़े दाम
थोक व्यापारी लोकेश अग्रवाल ने बताया त्योहारों की मांग बढ़ने के साथ ही प्रमुख खाद्य पदार्थों के दामों में तेजी दर्ज की गई है। बादाम में पिछले एक महीने के अंदर दामों में लगभग 30 फीसदी की भारी बढ़ोतरी हुई है। पूजन और मिठाइयों के लिए इस्तेमाल होने वाले नारियल की कीमतों में बीते 10 से 15 दिनों में करीब 25-30 फीसदी का उछाल आया है। शक्कर के भाव में पिछले कई दिनों से तेजी बनी हुई है। व्यापारियों का कहना है कि घी और खाद्य तेलों के दामों में कोई खास बदलाव नहीं आया है। विशेषज्ञों के अनुसार थोक व्यापारियों के थोड़ा भाव बढ़ाते ही खुदरा व्यापारी तुरंत 5 से 10 प्रतिशत की वृद्धि कर देते हैं। थोक व्यवसाइयों का कहना है कि त्योहारी सीजन होने के बावजूद इस समय बिकवाली घटी है।
रुमाल भी हुआ महंगा
चंद्रशेखर ने बताया पिछले साल की तुलना में 20 प्रतिशत तक राखियों के दाम बढ़ गए हैं। सामान्य राखी 25 से 35 रुपए और फैंसी राखी 60 से 300 रुपए के बीच मिल रही है। महिलाओं में प्रचलित चूड़ा राखी 60 से 200 रुपए के बीच हैं। पिछले साल राखी और मिठाई का ही नहीं है त्योहार रक्षाबंधन का त्योहार इंदौर के बाजार के लिए सिर्फ राखी और मिठाई की बिक्री नहीं, बल्कि करोड़ों रुपए के कारोबार का बड़ा अवसर है। शहर में लाखों परिवार एक साथ खरीदारी के लिए बाजार में उतरते हैं। राखी, मिठाई, कपड़े, गिफ्ट, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ज्वेलरी तक फैले इस बाजार में खर्च का दायरा तेजी से बढ़ रहा है।
राखी पर जीएसटी की मार
राखी विक्रेता चंद्रशेखर ने बताया राखी पर जीएसटी की मार देखने को मिल रही है। राखी तो जीएसटी मुक्त है, लेकिन जिस मेटेरियल से राखी बनती है उस पर जीएसटी लगने से राखियों की कीमत में 25 से 30 फीसदी का उछाल आ गया है। एक साल पहले तक जो राखियां 10 से 20 रुपए की मिल रही थीं, वह अब 25 से 30 रुपए के बीच मिल रही हैं। इसके साथ ही सादी राखी की अपेक्षा डिजाइनर राखियों की मांग भी ज्यादा है। इन राखियों की कीमत की बात करें तो इनमें भी 25 से 30 फीसदी तक का उछाल देखने को मिला है।





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