इंदौर। शहर के बाणगंगा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां साईं सुमन नगर में रहने वाले 39 वर्षीय एक युवक ने रविवार को फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। आत्मघाती कदम उठाने से ठीक पहले युवक ने अपने दोस्त को फोन कर एक आखिरी संदेश दिया था कि “परिवार से कह देना, मैं अब नहीं रहा।”
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और युवक को फंदे से उतारकर नजदीकी निजी अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
दोस्त के फोन से खुला राज
बाणगंगा पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान विशाल (39), पिता मनोहर चौहान के रूप में हुई है, जो एक निजी कंपनी में कार्यरत था। रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने के कारण विशाल घर पर अकेला था।
विशाल के चचेरे भाई अनिल ने बताया कि रविवार को विशाल के एक दोस्त का उनके पास फोन आया था। उस वक्त अनिल बाइक चला रहे थे, जिससे वे कॉल रिसीव नहीं कर पाए। कुछ देर बाद जब अनिल ने वापस कॉल बैक किया, तो दोस्त ने घबराते हुए बताया कि विशाल का फोन आया था और उसने मरने की बात कही है।
कमरे में लटकती मिली लाश
यह सुनते ही अनिल ने तुरंत विशाल के सगे भाई को फोन लगाया, लेकिन वह भी घर पर मौजूद नहीं था। इसके बाद आनंद-फानन में विशाल की मां को इसकी सूचना दी गई। मां और अन्य परिजन जब भागते हुए विशाल के कमरे में पहुंचे, तो वहां का नजारा देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। विशाल फंदे पर लटका हुआ था।
पत्नी के मायके जाने से था परेशान!
पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विशाल अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ अलग रहता था। पिछले करीब दो महीनों से उसकी पत्नी बच्चों को लेकर एरोड्रम इलाके में स्थित अपने मायके गई हुई थी और वापस नहीं आ रही थी।
आशंका: परिजनों को अंदेशा है कि पत्नी के मायके से वापस न लौटने के कारण विशाल पिछले कुछ समय से गंभीर मानसिक तनाव और अवसाद (डिप्रेशन) से गुजर रहा था। संभवतः इसी घरेलू कलह और मानसिक परेशानी के चलते उसने यह खौफनाक कदम उठाया।
पुलिस जांच में जुटी
बाणगंगा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतक के कमरे की तलाशी ली गई है, लेकिन वहां से कोई भी सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। फिलहाल विशाल के दोस्त, पत्नी और अन्य परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि आत्महत्या के असली कारणों का पता लगाया जा सके। मृतक के परिवार में उसकी दो बहनें और एक भाई हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।




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