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धार रोड पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अंतरजिला वाहन चोर गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार

चार चोरी के दोपहिया वाहन बरामद, मास्टर चाबी से मिनटों में करते थे वाहन चोरी

इंदौर। शहर में लगातार बढ़ रही वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत चंदन नगर थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अंतरजिला वाहन चोर गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चार चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। आरोपियों से रॉयल एनफील्ड बुलेट, होंडा शाइन, हीरो स्प्लेंडर और एक एक्टिवा जब्त की गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी चोरी के वाहनों को अलीराजपुर और गुजरात के सीमावर्ती क्षेत्रों में खपाने की तैयारी कर रहे थे।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार चंदन नगर थाना क्षेत्र और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही वाहन चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए डीसीपी जोन-4 सुनील मेहता के निर्देशन में थाना प्रभारी तिलक कारोले ने एक विशेष टीम का गठन किया था। टीम को वाहन चोरों की गतिविधियों पर निगरानी रखने और उन्हें पकड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों से मिली सूचनाओं के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली थी कि वाहन चोरी करने वाले आरोपी धार रोड के रास्ते शहर से बाहर निकलते हैं। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने धार रोड स्थित नवादा पंथ क्षेत्र में देर रात से सुबह तक सघन चेकिंग अभियान चलाया।

चेकिंग के दौरान एक बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर घबरा गए और भागने का प्रयास करने लगे। हालांकि पहले से सतर्क पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान दोनों युवक वाहन के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं दे सके। सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने वाहन चोरी की वारदातों में शामिल होना स्वीकार कर लिया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी मास्टर चाबी और डायरेक्ट वायर तकनीक का इस्तेमाल कर कुछ ही मिनटों में दोपहिया वाहन चोरी कर लेते थे। आरोपी भीड़भाड़ वाले बाजारों, कॉलोनियों और सार्वजनिक स्थानों पर खड़े वाहनों को निशाना बनाते थे। चोरी के बाद वाहनों को कुछ दिनों तक छिपाकर रखा जाता था और फिर उन्हें कम कीमत पर बेचने की योजना बनाई जाती थी। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि चोरी की गई गाड़ियों को अलीराजपुर जिले तथा गुजरात के सीमावर्ती इलाकों में बेचने की तैयारी थी, ताकि वाहनों का आसानी से पता न चल सके। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उन्होंने इंदौर सहित अन्य जिलों में कितनी वाहन चोरियों को अंजाम दिया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। संभावना है कि आने वाले दिनों में वाहन चोरी के कई और मामलों का खुलासा हो सकता है। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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