आशीष अग्रवाल के दिल्ली जाने के बाद पद हुआ खाली
इंदौर संकेत प्रतिनिधि
भोपाल। भाजपा में प्रदेश मीडिया प्रभारी की नियुक्ति का मामला उलझ गया है। इस पद के लिए करीब आधा दर्जन नेताओं ने दावेदारी पेश की है। इनमें से कई तो दिल्ली तक का चक्कर लगा आए हैं पर अब तक संगठन ने किसी नाम का ऐलान नहीं किया है। वहीं दतिया के जिलाध्यक्ष को लेकर फैसला एक माह से अधिक समय बाद भी नहीं हो पाया है। यहां की पूरी जिला कार्यकारिणी भाजपा के उपचुनाव में मिली हार के बाद भंग कर दी गई थी। पार्टी में मीडिया प्रभारी का दायित्व ग्वालियर के आशीष अग्रवाल संभाल रहे थे। यह उनका दूसरा कार्यकाल था। 17 अगस्त को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई कार्यकारिणी का ऐलान किया था। इसमें आशीष अग्रवाल को राष्ट्रीय सह मीडिया प्रभारी का दायित्व दिया गया। आशीष अग्रवाल उसी दिन दिल्ली पहुंच गए थे। अब वे राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी का काम कर रहे हैं।
उनके दिल्ली जाने के बाद से ही नए प्रदेश मीडिया प्रभारी को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया था। माना जा रहा था कि भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के पहले नए मीडिया प्रभारी का ऐलान हो जाएगा पर ऐसा नहीं हुआ। सूत्रों की मानें तो मीडिया प्रभारी के लिए आधा दर्जन नेताओं के नामों पर संगठन विचार कर रहा है पर किसी एक नाम को लेकर नेताओं के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। इनमें सबसे प्रमुख नाम पूर्व प्रदेश मीडिया प्रभारी और नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष रहे डॉक्टर हितेश बाजपेयी का है। इसके अलावा सहमीडिया प्रभारी अंशुल तिवारी, अजय घनाले का नाम भी चर्चा में है। एक नाम संघ की ओर से भी संगठन के पास आया है। यह एक मीडिया से जुड़े व्यक्ति का है। इसके अलावा इंदौर और उज्जैन से भी एक-एक नेता के नाम पर विचार चल रहा है।
भाजपा में मीडिया प्रभारी का पद बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। दो साल बाद विधानसभा चुनाव है। पार्टी इस पद पर ऐसे नेता की नियुक्ति चाहती है जो अनुभवी हो और विधानसभा चुनाव में अपनी भूमिका का उचित निर्वहन कर सके। यही वजह है कि नियुक्ति में विलंब हो रहा है। दिलचस्प यह है कि इस पद पर पसंद के नेता को दिल्ली स्तर से भी लॉबिंग की जा रही है।





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